Good News: यूपी में आज से 'फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल' ऐप के जरिए मिलेगी खाद, जानें बुकिंग प्रोसेस

Good News: यूपी में आज से 'फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल' ऐप के जरिए मिलेगी खाद, जानें बुकिंग प्रोसेस

Uttar Pradesh News: डॉ. पंकज त्रिपाठी ने आगे बताया कि इस व्यवस्था के अंतर्गत आवेदन के लिए 3 श्रेणियां निर्धारित की गई हैं. प्रथम स्तर में आईडी धारक किसान शामिल हैं, जो अपनी किसान आईडी और आधार सत्यापन के माध्यम से आवेदन करेंगे. द्वितीय स्तर में आईडी विहीन किसान अपनी भूमि का विवरण दर्ज करके आवेदन कर सकते हैं.

good-news-for-farmers-delivery-of-fertilizer by framework for fertilizer sale app in up know booking processकिसानों के लिए 15 जून से ऐप आधारित उर्वरक वितरण व्यवस्था लागूgood-news-for-farmers-delivery-of-fertilizer by framework for fertilizer sale app in up know booking processकिसानों के लिए 15 जून से ऐप आधारित उर्वरक वितरण व्यवस्था लागू
नवीन लाल सूरी
  • LUCKNOW,
  • Jun 15, 2026,
  • Updated Jun 15, 2026, 8:15 AM IST

किसानों के लिए राहत और खुशी की खबर है. खाद की मारामारी को खत्म करने के लिए खाद की डिलीवरी ऐप के जरिए की जाएगी. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के कृषि विभाग द्वारा जनपद रामपुर और सीतापुर के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना दी गई है. इन दोनों जनपदों में आगामी 15 जून, 2026 से यूरिया, डीएपी और एनपीके उर्वरकों का वितरण पूरी तरह से 'फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल' ऐप के माध्यम से पूर्व बुकिंग के आधार पर किया जाएगा. इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य 'हर किसान को सही उर्वरक का अधिकार' दिलाना है ताकि कोई भी किसान उर्वरक से वंचित न रहे. प्रदेश के कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी ने यह जानकारी दी.

किसानों को करना होगा ऐप पर बुकिंग

कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी ने बताया कि किसानों को उर्वरक प्राप्त करने के लिए सबसे पहले इस ऐप पर बुकिंग करनी होगी, जिसके बाद वे निर्धारित विक्रेता से अपनी खाद प्राप्त कर सकेंगे. इस ऐप के माध्यम से किसानों को समय पर और सुनिश्चित उर्वरक की उपलब्धता होगी, निकटतम विक्रेता की खोज आसान होगी और उनके समय व श्रम की भी बचत होगी. यह पूरी व्यवस्था QR कोड और टोकन आधारित होगी, जो पूरी तरह से पारदर्शी, सरल और सुगम है. उन्होंने बताया कि इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इससे किरायेदार एवं बटाईदार किसानों को भी उर्वरक का पूरा लाभ मिल सकेगा और खाद का वितरण सुनिश्चित होगा.

'फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल' ऐप डाउनलोड करना होगा

इस व्यवस्था का लाभ उठाने के लिए किसानों को अपने एंड्रॉयड मोबाइल फोन के प्ले स्टोर से 'फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल' ऐप डाउनलोड करना होगा. ऐप के भीतर बुकिंग की प्रक्रिया को 4 सरल चरणों में बांटा गया है. पहले चरण में किसानों को "ऐड लैंड एंड क्रॉप डिटेल्स" विकल्प में जाकर अपनी भूमि और फसल का पूरा विवरण दर्ज करना होगा. दूसरे चरण में उन्हें आवश्यक उर्वरक जैसे यूरिया, डीएपी या एनपीके और उसकी मात्रा का चयन करना होगा.

QR कोड या टोकन जनरेट हो जाएगा

वहीं, तीसरे चरण में ऐप पर संबंधित क्षेत्र के उपलब्ध उर्वरक विक्रेताओं की सूची दिखाई देगी, जिसमें से किसान अपनी सुविधा के अनुसार निकटतम विक्रेता को चुन सकते हैं. जबकि चौथे व अंतिम चरण में बुकिंग पूरी होते ही एक QR कोड या टोकन जनरेट हो जाएगा. कृषि निदेशक के मुताबिक, किसान इस QR कोड या टोकन को विक्रेता को दिखाकर आसानी से अपना उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं.

किसानों को आसानी से मिलेगा उर्वरक

डॉ. पंकज त्रिपाठी ने आगे बताया कि इस व्यवस्था के अंतर्गत आवेदन के लिए 3 श्रेणियां निर्धारित की गई हैं. प्रथम स्तर में आईडी धारक किसान शामिल हैं, जो अपनी किसान आईडी और आधार सत्यापन के माध्यम से आवेदन करेंगे. द्वितीय स्तर में आईडी विहीन किसान अपनी भूमि का विवरण दर्ज करके आवेदन कर सकते हैं. तृतीय स्तर में किरायेदार एवं बटाईदार किसानों को रखा गया है, जिनके लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं ताकि वे भी निर्धारित प्रक्रिया का पालन कर आसानी से उर्वरक बुक कर सकें.

परिवार के किसी सदस्य को भी मिलेगी सहूलियत

उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की सहूलियत के लिए प्रतिनिधि द्वारा भी उर्वरक प्राप्ति की सुविधा दी है. यदि कोई किसान स्वयं उपस्थित होने में असमर्थ है, तो वह अपने परिवार के किसी सदस्य या अन्य अधिकृत व्यक्ति को आधार संख्या अथवा ओटीपी के माध्यम से अधिकृत कर सकता है और वह प्रतिनिधि किसान की ओर से उर्वरक प्राप्त कर सकेगा. किसान उर्वरक प्राप्त करने के लिए क्यूआर कोड स्कैन करने, टोकन संख्या प्रस्तुत करने, आधार आधारित ओटीपी प्रमाणीकरण या अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से खाद लेने के विकल्पों में से किसी 1 का चयन कर सकते हैं.

हेल्पडेस्क नंबर भी जारी

इस पूरी व्यवस्था के सुचारू संचालन और किसी भी प्रकार की तकनीकी या संचालन संबंधी समस्या के समाधान के लिए हेल्पडेस्क नंबर भी जारी किए गए हैं. कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठीने बताया कि किसान राष्ट्रीय हेल्पडेस्क के नंबरों 011-24014775 और 011-24014774 पर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा जिला स्तर पर सहायता के लिए जिला कृषि अधिकारी सीतापुर (+91 94522 06241) तथा जिला कृषि अधिकारी रामपुर (+91 94568 84920) से भी संपर्क किया जा सकता है. कृषि विभाग द्वारा सभी किसानों से अपील की गई है कि वे उर्वरक वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुगम और किसान हितैषी बनाने के लिए इस ऐप का बढ़-चढ़कर उपयोग करें.

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