
राजस्थान के दौसा जिले में खाद की कमी के बीच किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है. खाद लेने के लिए किसान सुबह से ही वितरण केंद्रों पर पहुंच रहे हैं और घंटों लंबी कतार में खड़े रहने को मजबूर हैं. सिकराय में खाद वितरण के दौरान सैकड़ों किसानों की भीड़ जमा हो गई. इस दौरान किसानों को तेज धूप में अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा. भीड़ बढ़ने पर मौके पर पुलिस भी पहुंची, लेकिन किसानों ने पुलिस पर धक्के देकर उन्हें लाइन से बाहर निकालने का आरोप लगाया.
सिकराय में खाद लेने के लिए बड़ी संख्या में किसान वितरण केंद्र पर पहुंचे. खाद का एक कट्टा लेने के लिए किसानों को कई घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ा. सुबह से लाइन में लगे किसानों की संख्या लगातार बढ़ती गई. हालात ऐसे हो गए कि खाद केंद्र के आसपास किसानों की लंबी कतार दिखाई देने लगी. कई किसान तेज धूप में घंटों खड़े रहे. इनमें बुजुर्ग किसान भी शामिल थे. किसानों का कहना है कि खेती के इस समय खाद की जरूरत सबसे ज्यादा है, लेकिन खाद आसानी से नहीं मिल रही है. एक कट्टा खाद के लिए भी उन्हें पूरा दिन परेशान होना पड़ रहा है.
खाद वितरण केंद्र पर भीड़ बढ़ने के बाद व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस को मौके पर बुलाया गया. किसानों का आरोप है कि पुलिस ने लाइन में खड़े कुछ किसानों को धक्का देकर बाहर किया. किसानों के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने कई लोगों को पकड़कर लाइन से खींचने की कोशिश की. इस दौरान मौके पर धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बन गई. किसानों का कहना है कि वे पहले से ही कई घंटे लाइन में खड़े थे. ऐसे में उन्हें लाइन से हटाए जाने या पीछे किए जाने से उनकी परेशानी और बढ़ गई. किसानों ने पुलिस और प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं.
दौसा जिले में खाद की समस्या का यह पहला मामला नहीं है. इससे एक दिन पहले बांदीकुई में भी खाद लेने के लिए बड़ी संख्या में किसान पहुंचे थे. वहां लंबी लाइन और भीड़ के बीच कुछ किसानों के बेहोश होने की घटनाएं सामने आई थीं. लगातार सामने आ रही ऐसी तस्वीरों से साफ है कि खाद वितरण को लेकर किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. किसानों का कहना है कि अगर समय पर खाद नहीं मिली तो उनकी फसल पर इसका असर पड़ सकता है.
सिकराय में सामने आई भीड़ के बाद खाद वितरण की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं. किसानों का कहना है कि अगर केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध हो और वितरण की सही व्यवस्था हो तो इतनी बड़ी भीड़ जमा नहीं होगी. किसानों की मांग है कि खाद वितरण केंद्रों पर स्टॉक की जानकारी पहले से दी जाए. साथ ही किसानों की संख्या के हिसाब से काउंटर और कर्मचारियों की व्यवस्था बढ़ाई जाए, ताकि किसानों को घंटों धूप में खड़ा न रहना पड़े.
दौसा राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा का गृह जिला है. ऐसे में यहां खाद के लिए किसानों की लंबी कतार और अव्यवस्था का मामला चर्चा में है. किसानों का कहना है कि जब कृषि मंत्री के गृह जिले में ही खाद लेने के लिए ऐसी स्थिति बन रही है, तो दूसरे इलाकों में किसानों को कितनी परेशानी हो रही होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है. हालांकि, किसानों की ओर से लगाए गए पुलिस के व्यवहार संबंधी आरोपों पर प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है. इसलिए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
किसानों की सबसे बड़ी मांग है कि खाद की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित की जाए. किसानों का कहना है कि उन्हें खाद के लिए सुबह से शाम तक लाइन में खड़ा न रहना पड़े. वितरण केंद्रों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उचित व्यवस्था होनी चाहिए और बुजुर्ग किसानों के लिए भी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए. दौसा में लगातार खाद की कमी और वितरण केंद्रों पर बढ़ती भीड़ किसानों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है. अब किसानों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है. किसानों को उम्मीद है कि खाद की उपलब्धता बढ़ाने के साथ वितरण व्यवस्था को भी बेहतर किया जाएगा, ताकि उन्हें खाद के लिए धूप में घंटों इंतजार और धक्कामुक्की का सामना न करना पड़े. (संदीप मीना)
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