
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में किसानों को खाद की उपलब्धता और वितरण से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन देने की नई व्यवस्था 15 अगस्त से लागू होगी. इसके तहत ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल’ डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए किसान घर बैठे खाद का स्टॉक देख सकेंगे और अपनी जरूरत के मुताबिक ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे. इस डिजिटल सिस्टम को केंद्रीय उर्वरक और कृषि मंत्रालयों ने राज्य सरकारों की सहमति से तैयार किया है. इसका उद्देश्य खाद बंटवारे में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ किसानों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाना है. किसान अपने मोबाइल फोन से आसपास के रजिस्टर्ड सेलर के पास उपलब्ध खाद की जानकारी देख सकेंगे और वहीं से बुकिंग कर सकेंगे.
ऑनलाइन सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए किसान को आधार या किसान आईडी के जरिए रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके बाद सिस्टम की ओर से क्यूआर कोड और टोकन नंबर जारी किया जाएगा. किसान निर्धारित मात्रा में खाद लेने के लिए संबंधित विक्रेता के पास जाकर क्यूआर कोड दिखा सकेंगे, जिसे स्कैन करने के बाद खाद उपलब्ध कराई जाएगी.
अधिकारियों के मुताबिक, नई व्यवस्था से किसानों को खाद की उपलब्धता जानने के लिए बार-बार कृषि केंद्र या दुकानों पर जाने की जरूरत कम होगी. इससे उनका समय और आने-जाने का खर्च बच सकता है. किसान पहले ही यह पता कर सकेंगे कि उनके नजदीकी पंजीकृत विक्रेता के पास जरूरी खाद उपलब्ध है या नहीं.
यह डिजिटल प्लेटफॉर्म देश के 23 राज्यों के 56 जिलों में पायलट आधार पर शुरू किया जा चुका है. महाराष्ट्र में छत्रपति संभाजीनगर और कोल्हापुर में इसके परीक्षण के बाद अब इसे ठाणे समेत नौ अन्य जिलों तक विस्तार दिया जा रहा है.
जिला परिषद के मुताबिक, ठाणे में करीब 1,38,862 किसान हैं और खरीफ फसल का क्षेत्रफल लगभग 59,831 हेक्टेयर है. कृषि अधिकारियों ने जिले में खाद की कमी नहीं होने की बात कही है. नई डिजिटल व्यवस्था का मकसद उपलब्ध खाद को किसानों तक व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है.
नई प्रक्रिया में किसानों को अपनी जमीन से जुड़ी जानकारी दर्ज करनी होगी. इसके बाद सिस्टम में अनुशंसित उर्वरकों का चयन किया जा सकेगा. बुकिंग पूरी होने के बाद मिले क्यूआर कोड को विक्रेता के यहां दिखाना होगा. कोड स्कैन होने के बाद संबंधित स्टॉक किसान को उपलब्ध कराया जाएगा.
ऑनलाइन बुकिंग या खाद वितरण के दौरान किसी तरह की परेशानी आने पर किसान अपने स्थानीय ब्लॉक कृषि अधिकारी या गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक से संपर्क कर सकेंगे. जिला प्रशासन के मुताबिक, इन अधिकारियों के जरिए किसानों की शिकायतों का तत्काल समाधान करने की व्यवस्था की गई है.
ठाणे जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रंजीत यादव ने किसानों से 15 अगस्त से शुरू होने वाली इस सुविधा का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने की अपील की है. प्रशासन का कहना है कि डिजिटल प्रक्रिया से खाद वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को अपनी जरूरत के मुताबिक खाद हासिल करने में सुविधा होगी. (पीटीआई)