नकली खाद बेचने वालों की अब खैर नहीं: सूचना देने पर मिलेगा ₹1000 का इनाम, मध्यप्रदेश सरकार की नई पहल

नकली खाद बेचने वालों की अब खैर नहीं: सूचना देने पर मिलेगा ₹1000 का इनाम, मध्यप्रदेश सरकार की नई पहल

मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के हित में ‘सूचनादाता प्रोत्साहन योजना-2026’ लागू की है. इस योजना के तहत नकली खाद, उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध बिक्री और मिलावटी उर्वरकों की सूचना देने वाले व्यक्ति को सफल कार्रवाई होने पर ₹1000 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. शिकायत सीएम किसान हेल्पलाइन 155253 पर दर्ज कराई जा सकती है.

धर्मेंद्र सिंह
  • Bhopal ,
  • Jun 24, 2026,
  • Updated Jun 24, 2026, 7:48 AM IST

खेती-किसानी के मौसम में किसानों को अक्सर नकली खाद, कालाबाजारी और उर्वरकों की कृत्रिम कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है.इन चुनौतियों से निपटने और किसानों तक गुणवत्तापूर्ण उर्वरक पहुंचाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश सरकार ने एक नई पहल शुरू की है.कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा ‘सूचनादाता प्रोत्साहन योजना-2026’ लागू की गई है, जिसके तहत उर्वरकों से जुड़ी अनियमितताओं की सूचना देने वाले नागरिकों को सफल कार्रवाई होने पर ₹1000 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी.

सरकार का मानना है कि आम नागरिकों और किसानों की भागीदारी से नकली खाद तथा कालाबाजारी के नेटवर्क को प्रभावी ढंग से तोड़ा जा सकता है.

किसानों के हितों की रक्षा के लिए विशेष अभियान

प्रदेश में हर वर्ष खेती के सीजन के दौरान उर्वरकों की मांग बढ़ जाती है. इसी दौरान कुछ असामाजिक तत्व नकली खाद बेचने, उर्वरकों का अवैध भंडारण करने या निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने जैसी गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं.

इन अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार ने सूचनादाता प्रोत्साहन योजना लागू की है. योजना के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के आधार पर प्रशासन त्वरित जांच और कार्रवाई करेगा.

30 सितंबर तक चलेगा विशेष अभियान

यह योजना 20 मई 2026 से 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी. इस अवधि में प्रदेश के किसी भी जिले से उर्वरकों से संबंधित शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं.

सरकार को उम्मीद है कि इस दौरान अधिक से अधिक लोग आगे आकर अनियमितताओं की जानकारी देंगे, जिससे किसानों को राहत मिलेगी और उर्वरक वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी.

इन मामलों की सूचना देने पर होगी कार्रवाई

योजना के तहत निम्न प्रकार की शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं—

  • नकली या मिलावटी खाद का निर्माण और बिक्री।
  • उर्वरकों की कालाबाजारी।
  • उर्वरकों का अवैध भंडारण।
  • निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद बेचना।
  • सब्सिडी प्राप्त उर्वरकों का अनधिकृत उपयोग ।
  • उर्वरक वितरण से जुड़ी अन्य अनियमित गतिविधियां।

सीएम किसान हेल्पलाइन पर करें शिकायत

किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी सीएम किसान हेल्पलाइन 155253 पर दी जा सकती है.हेल्पलाइन कार्यदिवसों में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित रहेगी.शिकायत प्राप्त होने के बाद संबंधित जिले के अधिकारियों को जांच के लिए मामला भेजा जाएगा.

शिकायत के साथ देना होगा साक्ष्य

सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रभावी कार्रवाई के लिए शिकायत के साथ यथासंभव प्रमाण भी उपलब्ध कराना होगा.

शिकायतकर्ता को निम्न जानकारी देनी होगी—

  • घटना का स्थान और समय.
  • संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान का नाम.
  • फोटो, वीडियो या अन्य दस्तावेजी साक्ष्य.
  • बैंक खाते की जानकारी, ताकि प्रोत्साहन राशि सीधे खाते में भेजी जा सके.

कलेक्टर की निगरानी में होगी जांच

प्रत्येक शिकायत की जांच संबंधित जिले के कलेक्टर की निगरानी में गठित दल द्वारा की जाएगी. जांच में आरोप सही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

सरकार ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई केवल प्रमाणित मामलों में ही की जाएगी, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति को परेशानी न हो.

सफल सूचना पर मिलेगा नकद प्रोत्साहन

यदि शिकायत सही साबित होती है और उसके आधार पर प्रभावी कार्रवाई की जाती है, तो सूचना देने वाले व्यक्ति को प्रति सूचना ₹1000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी.यह राशि सीधे सूचनादाता के बैंक खाते में जमा की जाएगी.

पहचान रहेगी पूरी तरह गोपनीय

योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि शिकायतकर्ता की पहचान को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा. सरकार ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम, पता या अन्य व्यक्तिगत जानकारी किसी भी स्तर पर सार्वजनिक नहीं की जाएगी.इस व्यवस्था से लोग बिना किसी भय या दबाव के अनियमितताओं की जानकारी प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे.

नकली खाद के खिलाफ जनभागीदारी का मॉडल

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि नकली और मिलावटी उर्वरक किसानों की लागत बढ़ाने के साथ-साथ उत्पादन को भी प्रभावित करते हैं.ऐसे में सरकार की यह पहल केवल निगरानी तंत्र को मजबूत नहीं करेगी, बल्कि किसानों और नागरिकों को भी कृषि व्यवस्था में भागीदार बनाएगी.‘सूचनादाता प्रोत्साहन योजना-2026’ के जरिए मध्यप्रदेश सरकार ने यह संदेश दिया है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अब प्रशासन और आम जनता मिलकर कार्रवाई करेंगे.

 

 

MORE NEWS

Read more!