हरी दिख रही मक्के की फसल में नहीं आए दाने, किसानों ने मांगा मुआवजा; जांच के लिए बनी समिति

हरी दिख रही मक्के की फसल में नहीं आए दाने, किसानों ने मांगा मुआवजा; जांच के लिए बनी समिति

मथुरा जिले में मक्के की फसल को लेकर किसानों की परेशानी बढ़ गई है. किसानों का कहना है कि खेतों में मक्के की फसल ऊपर से पूरी तरह हरी-भरी दिखाई दे रही है, लेकिन जब भुट्टे तैयार हुए तो उनमें दाने ही नहीं आए हैं, जिससे किसान परेशान हैं.

मक्के की फसलमक्के की फसल
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jun 22, 2026,
  • Updated Jun 22, 2026, 1:22 PM IST

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में मक्के की फसल को लेकर किसानों की परेशानी बढ़ गई है. किसानों का कहना है कि खेतों में मक्के की फसल ऊपर से पूरी तरह हरी-भरी दिखाई दे रही है, लेकिन जब भुट्टे तैयार हुए तो उनमें दाने ही नहीं आए हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है और अब वे सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं. किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है. कृषि निदेशालय ने आगरा मंडल के कृषि संयुक्त निदेशक विनोद कुमार यादव की अध्यक्षता में एक जांच समिति का गठन किया है. यह समिति प्रभावित खेतों का निरीक्षण कर फसल खराब होने के कारणों का पता लगाएगी.

मक्के के बीज की क्वालिटी और मिट्टी की होगी जांच

जांच टीम में जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी योगेश कुमार शर्मा और बीज निर्माण कंपनी हिल इंडिया के प्रतिनिधि को शामिल किया गया है. समिति मक्के के बीज की क्वालिटी, मिट्टी की स्थिति, खेतों में नमी और मौसम के प्रभाव जैसे कई पहलुओं की जांच करेगी. अधिकारियों के अनुसार, जांच में यह पता लगाया जाएगा कि फसल खराब होने की वजह बीज की खराब क्वालिटी थी या फिर मौसम और मिट्टी से जुड़ी कोई समस्या. इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी या असंतुलन के कारण फसल प्रभावित हुई है या नहीं.

बीज की क्वालिटी में कमी पाए जाने पर होगी कार्रवाई

जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार सिंह ने बताया कि अगर जांच में बीज की क्वालिटी में कमी या किसी तरह की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि किसानों को नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी. बीज निर्माता कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है. अधिकारियों के मुताबिक, राया क्षेत्र के सरकारी कृषि बीज डिपो से रियायती दर पर मक्का बीज खरीदने वाले किसानों ने शिकायत दर्ज कराई थी. जिले के करीब 54 किसानों ने हिल इंडिया कंपनी का 16 क्विंटल बीज इस्तेमाल किया था. किसानों का आरोप है कि इस बीज से तैयार फसल में भुट्टे तो आए, लेकिन उनमें दाने नहीं बने.

संकर मक्का बीज किस्म में नहीं आए दाने 

कृषि अधिकारियों ने बताया कि यह संकर मक्का बीज किस्म तापमान के प्रति संवेदनशील है. इसके लिए फरवरी का समय बुवाई के लिए बेहतर माना जाता है. 10 मार्च तक बोई गई फसल सामान्य रही, लेकिन इसके बाद अधिक तापमान में बोई गई फसलों में समस्या देखने को मिली. अधिकारियों के अनुसार, जिन किसानों ने आलू और गेहूं की कटाई के बाद 10 मार्च के बाद मक्का बोया, उस समय तापमान करीब 38 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. अधिक गर्मी के कारण फसल के परागकण सूख गए, जिससे भुट्टों में दाने नहीं बन पाए.

जांच के बाद किसानों को राहत मिलने की उम्मीद

हालांकि, मथुरा के कुछ अन्य क्षेत्रों में इसी कंपनी के बीज से अच्छी पैदावार मिली है. इससे यह भी जांच का विषय बन गया है कि समस्या सिर्फ बीज में थी या फिर मौसम और खेती के समय का भी इसमें बड़ा योगदान रहा. जांच टीम प्रभावित और सामान्य फसलों की तुलना कर रिपोर्ट तैयार करेगी और इसे जिला प्रशासन को सौंपेगी. वहीं, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने भी मुख्य विकास अधिकारी पूजा गुप्ता के नेतृत्व में एक अलग टीम बनाई है, जिसमें कृषि, उद्यान और पौध संरक्षण विभाग के अधिकारी शामिल हैं. अब किसानों को जांच रिपोर्ट का इंतजार है. अगर बीज में खराबी साबित होती है तो कंपनी पर कार्रवाई के साथ किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है. (PTI)

MORE NEWS

Read more!