महासमुंद में खाद वितरण में गड़बड़ी पर बड़ी कार्रवाई, 4 प्राइवेट फर्मों पर FIR के निर्देश, किसानों से ये अपील

महासमुंद में खाद वितरण में गड़बड़ी पर बड़ी कार्रवाई, 4 प्राइवेट फर्मों पर FIR के निर्देश, किसानों से ये अपील

महासमुंद में खाद वितरण में गड़बड़ी पर प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है. यूरिया बिक्री में नियम तोड़ने के आरोप में चार उर्वरक फर्मों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं. इससे पहले 26 विक्रेताओं के लाइसेंस भी निलंबित किए जा चुके हैं.

Fertilizer Distribution issue mahasamundFertilizer Distribution issue mahasamund
क‍िसान तक
  • Noida,
  • May 14, 2026,
  • Updated May 14, 2026, 9:08 PM IST

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में खाद बांटने में गडबड़‍ी को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. किसानों को तय नियमों के तहत उर्वरक उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. यूरिया वितरण में गड़बड़ी पाए जाने के बाद जिले की चार निजी उर्वरक फर्मों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश जारी किए गए हैं. प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद जिले के खाद कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति है.

इन 4 उर्वरक फर्मों पर एफआईआर के निर्देश

उप संचालक कृषि एफ.आर. कश्यप ने उर्वरक निरीक्षक बागबाहरा और सरायपाली को संबंधित फर्म संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. छत्‍तीसगढ़ जनसंपर्क की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक मेसर्स राजेश अग्रवाल सरायपाली, मेसर्स ओम फर्टिलाइजर सरायपाली, आर.एस. ट्रेडर्स बागबाहरा और जय मां भीमेश्वरी ट्रेडर्स सुनसुनिया फर्मों पर कार्रवाई होगी. जांच में सामने आया कि इन फर्मों ने 16 मार्च से 29 मार्च 2026 के बीच यूरिया वितरण के दौरान शासन द्वारा तय दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया.

PoS मशीन से ही होगा खाद वितरण

जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिले में उर्वरक की बिक्री केवल पॉस (PoS) मशीन के जरिए ही की जाएगी. कलेक्टर विनय लंगेह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खाद वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी तरह की लापरवाही मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए. प्रशासन का कहना है कि किसानों के हिस्से का खाद गलत तरीके से बेचने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा.

पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई

महासमुंद जिले में यह पहली कार्रवाई नहीं है. इससे पहले भी उर्वरक वितरण में अनियमितता पाए जाने पर 26 निजी उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस 21 दिनों के लिए निलंबित किए जा चुके हैं. कृषि विभाग लगातार निरीक्षण कर रहा है, ताकि किसानों को तय कीमत और सही प्रक्रिया के तहत खाद मिल सके.

किसानों से बिल लेने और शिकायत करने की अपील

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे हमेशा पॉस मशीन के माध्यम से ही उर्वरक खरीदें और हर खरीद पर पक्का बिल जरूर लें. विभाग ने यह भी कहा है कि यदि कोई विक्रेता यूरिया, डीएपी या अन्य उर्वरक निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बेचता है तो इसकी शिकायत तुरंत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार या वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से करें. प्रशासन का कहना है कि किसानों की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी.

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