
गर्मी का मौसम है. इस समय बाजार में रंग-बिरंगे फलों से भरी दुकानें और ठेले दिख जाते हैं-कहीं लाल-लाल तरबूज नजर आते हैं तो कहीं खुशबू बिखेरते खरबूज, साथ ही ठंडक देने वाले खीरा और ककड़ी हर ठेले पर सजे मिलते हैं. तपती धूप में इन्हें देखते ही मुंह में पानी आ जाता है और ठंडक का एहसास होने लगता है. लेकिन कई बार यही आकर्षक दिखने वाले फल घर लाने पर स्वाद में फीके या कच्चे निकल जाते हैं, जिससे पूरी मेहनत और पैसे दोनों बेकार चले जाते हैं. अगर आप भी इस परेशानी से बचना चाहते हैं और हर बार मीठे, ताजे और रसदार फल खरीदना चाहते हैं, तो इन्हें खरीदते समय कुछ आसान लेकिन जरूरी बातों का ध्यान रखें.
सबसे पहले बात करें तरबूज की, तो इसे खरीदते समय केवल उसके आकार पर न जाएं, बल्कि उसकी बाहरी बनावट पर ध्यान दें. अच्छा और पका हुआ तरबूज आमतौर पर गहरे हरे रंग का होता है, जिस पर धारियां साफ दिखाई देती हैं. इसे हल्के से थपथपाने पर अगर भारी और गूंजती हुई आवाज आए, तो यह उसके अंदर से पके और रसदार होने का संकेत है. इसके अलावा, तरबूज के नीचे की तरफ पीले रंग का धब्बा होना बहुत जरूरी है. यह दर्शाता है कि तरबूज खेत में पर्याप्त समय तक पका है. अगर यह धब्बा सफेद या बिल्कुल न हो, तो फल कच्चा हो सकता है.
अब बात करें खरबूज की, तो इसकी पहचान काफी हद तक उसकी खुशबू से की जा सकती है. पका हुआ खरबूज हल्की मीठी और ताजी खुशबू देता है, जबकि कच्चे में कोई खास महक नहीं होती. खरबूज को हाथ से हल्का दबाकर देखें अगर वह थोड़ा नरम महसूस हो, तो समझिए वह खाने के लिए तैयार है. लेकिन अगर वह बहुत ज्यादा सख्त है, तो कच्चा हो सकता है और अगर बहुत ज्यादा नरम है, तो ज्यादा पका या खराब भी हो सकता है. इसके छिलके पर दरार या दाग-धब्बे भी नहीं होने चाहिए, क्योंकि इससे अंदर का गूदा प्रभावित हो सकता है.
जहां तक खीरा और ककड़ी की बात है, तो इसे खरीदते समय ताजगी सबसे जरूरी होती है. अच्छे खीरे और ककड़ी का रंग चमकीला हरा होता है और उन्हें हाथ में लेने पर वे सख्त महसूस होते हैं. अगर वे दबाने पर नरम लगें या उन पर पीले धब्बे दिखाई दें, तो समझ लें कि वे पुराने हो चुके हैं. इसके अलावा बहुत ज्यादा बड़े और मोटे खीरे अक्सर अंदर से कड़वे निकलते हैं, इसलिए हमेशा मध्यम आकार के खीरे ही चुनें. छिलका चिकना और बिना झुर्रियों वाला होना चाहिए, जिससे पता चलता है कि फल ताजा है और खाने में भी कुरकुरा और स्वादिष्ट रहेगा.
एक और जरूरी बात ये है कि हमेशा कटे-फटे या ज्यादा चमकदार दिखने वाले फलों से बचें. कई बार फलों को आकर्षक दिखाने के लिए उन पर केमिकल पॉलिश की जाती है, जो सेहत के लिए ठीक नहीं होती. ऐसे फल देखने में भले अच्छे लगें, लेकिन उनका स्वाद और क्वालिटी खराब होता है, इसलिए कोशिश करें कि प्राकृतिक रूप से ताजे और बिना ज्यादा चमक वाले फल ही चुनें. साथ ही, स्थानीय और मौसम के अनुसार मिलने वाले फलों को प्राथमिकता दें, क्योंकि ये ज्यादा ताजे, स्वादिष्ट और पौष्टिक होते हैं. अगर आप इन छोटी-छोटी लेकिन जरूरी बातों का ध्यान रखेंगे, तो हर बार बाजार से मीठे, ताजे और रसदार तरबूज, खरबूज और खीरा ही घर लेकर आएंगे इससे न सिर्फ आपका पैसा सही जगह खर्च होगा, बल्कि गर्मी के मौसम का आनंद भी दोगुना हो जाएगा.