
पंजाब में रविवार सुबह हुई अचानक बारिश ने लुधियाना की गिल रोड अनाज मंडी की तैयारियों की पोल खोल दी. मंडी में पर्याप्त शेड (छत) न होने के कारण किसानों को अपनी कटी हुई गेहूं की फसल को बचाने के लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ी. कई जगह फसल खुले में पड़ी थी और बारिश शुरू होते ही किसानों को उसे तिरपाल से ढकने की जद्दोजहद करनी पड़ी. धंदरा गांव के किसान दीदार सिंह ने बताया कि बारिश अचानक शुरू हो गई, जिससे संभलने का ज्यादा समय नहीं मिला. उन्होंने कहा कि उन्होंने तुरंत तिरपाल से फसल ढकने की कोशिश की, लेकिन यह पूरी तरह सुरक्षित तरीका नहीं है. उनका कहना है कि मंडी में शेड बहुत कम हैं और कुछ का सही इस्तेमाल भी नहीं हो रहा है, जिससे किसानों की परेशानी और बढ़ जाती है.
इसी तरह प्रीतम सिंह ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि वे लोग कई सालों से मंडी में बेहतर शेड और सुविधाओं की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस पर ध्यान नहीं दिया गया. मंडी में काम करने वाले मजदूरों ने भी स्थिति को गंभीर बताया. एक मजदूर ने कहा कि जैसे ही बारिश होती है, वे लोग अनाज को ढकने के लिए भागते हैं, लेकिन हर बार सब कुछ बचा पाना संभव नहीं होता. कई जगह पानी जमा हो जाता है, जिससे अनाज खराब होने लगता है और उसकी क्वालिटी खराब हो जाती है.
साथ ही समराला के पास के एक किसान ने बताया कि मंडी में बेहतर बुनियादी ढांचे की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन हर बार यह मुद्दा नजरअंदाज कर दिया जाता है. उनका कहना है कि सरकारें बदलती रहती हैं, लेकिन किसानों की यह समस्या जस की तस बनी हुई है. वहीं, विशेषज्ञों के अनुसार, अगर गेहूं थोड़ी देर के लिए भी नमी के संपर्क में आ जाए, तो उसमें फफूंद लग सकती है, रंग बदल सकता है और उसकी क्वालिटी खराब हो सकती है. इससे बाजार में उसकी कीमत भी कम हो जाती है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है.
वहीं मंडी बोर्ड के एक अधिकारी ने माना कि यह समस्या गंभीर है. उन्होंने कहा कि कटाई का काम तेजी से चल रहा है, इसलिए किसानों को अपनी फसल को सही तरीके से रखने पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने यह भी बताया कि जो फसल बिक चुकी है, उसे जल्दी उठाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन जो फसल अभी मंडी में है, उसे सुरक्षित रखने के लिए किसानों को भी सावधानी बरतनी होगी.