
आज के समय में खेती सिर्फ फसल उगाने तक सीमित नहीं रह गई है. अब किसान खेती के साथ प्रोसेसिंग करके भी अच्छी कमाई कर रहे हैं. खासकर प्याज की खेती करने वाले किसानों के लिए अब एक नया मौका सामने आया है. अगर किसान कच्चा प्याज बेचने की बजाय उसका पाउडर बनाकर बेचें, तो वे कई गुना ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं. यही वजह है कि अब प्याज को किसान “सोना” बनाने की तैयारी में जुट रहे हैं.
प्याज पाउडर सूखे प्याज को पीसकर बनाया जाता है. इसका इस्तेमाल होटल, रेस्टोरेंट, फास्ट फूड, मसाला कंपनियों और पैकेट वाले खाने में खूब किया जाता है. कई लोग घरों में भी इसे इस्तेमाल करने लगे हैं क्योंकि इससे खाना जल्दी बन जाता है और प्याज काटने की परेशानी भी नहीं होती.
आज बाजार में प्याज पाउडर की मांग लगातार बढ़ रही है. यही कारण है कि इसकी कीमत भी सामान्य प्याज से कहीं ज्यादा मिलती है.
प्याज पाउडर बनाने की प्रक्रिया बहुत कठिन नहीं है. सबसे पहले प्याज को छीलकर पतले टुकड़ों में काटा जाता है. इसके बाद उसे मशीन या धूप की मदद से अच्छी तरह सुखाया जाता है. जब प्याज पूरी तरह सूख जाता है, तब उसे पीसकर पाउडर तैयार किया जाता है.
इसके बाद इस पाउडर को पैक करके बाजार में बेचा जाता है. सही पैकिंग और अच्छी क्वालिटी होने पर किसान सीधे कंपनियों और दुकानों से भी जुड़ सकते हैं.
अक्सर देखा जाता है कि बाजार में दाम गिरने पर किसानों का प्याज खराब हो जाता है या बहुत सस्ते में बिकता है. ऐसे समय में प्याज पाउडर किसानों के लिए बड़ी राहत बन सकता है. किसान खराब होने से पहले प्याज को सुखाकर उसका पाउडर बना सकते हैं. इससे फसल बर्बाद नहीं होगी और कमाई भी बढ़ेगी. यानी जो प्याज पहले घाटे का कारण बनता था, वही अब फायदा दिला सकता है.
प्याज पाउडर बनाने का काम छोटे स्तर से भी शुरू किया जा सकता है. शुरुआत में किसान छोटी मशीन लगाकर गांव या घर से ही काम शुरू कर सकते हैं. बाद में मांग बढ़ने पर इसे बड़े कारोबार में बदला जा सकता है.
अगर किसान समूह बनाकर या एफपीओ के जरिए यह काम करें, तो लागत और भी कम हो सकती है और मुनाफा ज्यादा मिल सकता है.
भारत का प्याज दुनियाभर में पसंद किया जाता है. ऐसे में प्याज पाउडर की मांग विदेशों में भी तेजी से बढ़ रही है. कई कंपनियां भारत से प्याज पाउडर खरीदकर दूसरे देशों में भेजती हैं. यही वजह है कि इस कारोबार में किसानों के लिए आगे बढ़ने का बड़ा मौका है.
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में सिर्फ खेती करने से ज्यादा फायदा नहीं होगा. किसानों को फसल की प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन की तरफ बढ़ना होगा. प्याज पाउडर इसका एक अच्छा उदाहरण है.
अगर किसान नई तकनीक और नए तरीके अपनाएं, तो वे अपनी आमदनी कई गुना बढ़ा सकते हैं. प्याज अब सिर्फ सब्जी नहीं, बल्कि किसानों के लिए कमाई का नया “सोना” बन सकता है.
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