धान की रोपाई हो गई? अब इन 5 बातों का रखें ध्यान, नहीं तो घट सकता है उत्पादन

धान की रोपाई हो गई? अब इन 5 बातों का रखें ध्यान, नहीं तो घट सकता है उत्पादन

धान की रोपाई के बाद सही देखभाल करना बेहद जरूरी होता है. अगर किसान समय पर इन 5 बातों का ध्यान रखें, तो फसल स्वस्थ रहती है और उत्पादन में बढ़ोतरी होती है. जानिए धान की रोपाई के बाद किसानों को किन 5 जरूरी बातों का खास ध्यान रखना चाहिए.

धान की बुवाई में देरीधान की बुवाई में देरी
संदीप कुमार
  • Noida,
  • Aug 02, 2026,
  • Updated Aug 02, 2026, 12:30 PM IST

धान की रोपाई के बाद अगर किसान यह सोच लें कि अब काम पूरा हो गया, तो यह बड़ी गलती साबित हो सकती है. असल में अच्छी पैदावार की असली शुरुआत रोपाई के बाद की देखभाल से होती है. इस दौरान पानी का सही प्रबंधन, खरपतवार पर समय रहते नियंत्रण, कीट और रोगों की निगरानी और संतुलित खाद का इस्तेमाल फसल को स्वस्थ और मजबूत बनाता है. वहीं,  कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि रोपाई के बाद की गई थोड़ी-सी लापरवाही  उत्पादन को काफी कम कर सकती है, इसलिए किसानों को इस समय 5 जरूरी बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए, ताकि फसल की अच्छे से बढ़वार हो और भरपूर पैदावार मिल सके.

1. खेत में पानी का सही प्रबंधन करें

धान की फसल के लिए पानी जरूरी है, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी भी नुकसान पहुंचा सकता है. रोपाई के बाद खेत में 2 से 3 इंच तक पानी बनाए रखें. लगातार अधिक पानी भरकर रखने से पौधों की जड़ों पर असर पड़ता है और पोषक तत्वों का संतुलन भी बिगड़ सकता है, इसलिए जरूरत के अनुसार ही सिंचाई करें.

2. समय पर करें खरपतवार नियंत्रण

रोपाई के 15 से 20 दिन के भीतर खेत में उगने वाले खरपतवारों को हटाना बहुत जरूरी है. खरपतवार फसल तक पानी, पोषक तत्व और धूप नहीं पहुंचने देते हैं, जिससे धान की बढ़वार प्रभावित होती है. ऐसे में जरूरत पड़ने पर कृषि विशेषज्ञ की सलाह से उपयुक्त खरपतवारनाशी का प्रयोग भी कर सकते हैं.

3. कीट और रोगों पर रखें नजर

धान की फसल में तना छेदक, पत्ती लपेटक, झुलसा रोग और अन्य बीमारियों का खतरा बना रहता है, इसलिए किसानों को नियमित रूप से खेत का निरीक्षण करना चाहिए. अगर किसी प्रकार के कीट या रोग के शुरुआती लक्षण दिखाई दें तो तुरंत कृषि विभाग या कृषि वैज्ञानिकों की सलाह लेकर उचित दवा का इस्तेमाल करें. समय पर नियंत्रण करने से बड़े नुकसान से बचा जा सकता है.

4. संतुलित मात्रा में दें खाद

बेहतर उत्पादन के लिए फसल को संतुलित पोषण देना बेहद जरूरी है. किसान मिट्टी परीक्षण की रिपोर्ट के अनुसार ही उर्वरकों का इस्तेमाल करें. बिना जरूरत के अधिक मात्रा में यूरिया डालने से फसल को फायदा होने के बजाय नुकसान भी हो सकता है. वहीं, संतुलित खाद प्रबंधन से पौधे मजबूत बनते हैं और अच्छी पैदावार मिलती है.

5. जल निकासी का भी रखें ध्यान

अगर खेत में लंबे समय तक जरूरत से ज्यादा पानी भरा रहता है, तो पौधों की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है. वहीं, पानी की कमी भी फसल की बढ़वार और उत्पादन को प्रभावित करती है, इसलिए खेत में अच्छी जल निकासी की व्यवस्था रखें ताकि अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल सके और जरूरत पड़ने पर सिंचाई भी समय पर हो सके.

समय पर देखभाल से बढ़ेगा उत्पादन

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि धान की रोपाई के बाद समय पर देखभाल करने से ही अच्छी पैदावार मिल सकती है. ऐसे में अगर किसान पानी का सही प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण, कीट और रोगों की निगरानी, संतुलित उर्वरक का उपयोग और जल निकासी जैसी बातों का ध्यान रखें, तो फसल स्वस्थ रहेगी और उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी होगी. इससे किसानों की लागत का बेहतर लाभ मिलेगा और उनकी आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी. 

MORE NEWS

Read more!