Success Story: 3.5 एकड़ में शिमला मिर्च की खेती, 8 टन उत्पादन से किसान ने कमाया ₹9.75 लाख का मुनाफा!

Success Story: 3.5 एकड़ में शिमला मिर्च की खेती, 8 टन उत्पादन से किसान ने कमाया ₹9.75 लाख का मुनाफा!

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के किसान ओमप्रकाश पवार ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत ड्रिप सिंचाई तकनीक अपनाकर शिमला मिर्च की खेती से शानदार कमाई की है.3.5 एकड़ में करीब 8 टन उत्पादन से उन्हें 16 लाख रुपये की आय और खर्च घटाने के बाद लगभग 9.75 लाख रुपये का शुद्ध लाभ मिला.

धर्मेंद्र सिंह
  • Chhindwada ,
  • Oct 27, 2026,
  • Updated Oct 27, 2026, 11:44 AM IST

खेती में आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का सही इस्तेमाल किया जाए, तो किसान अपनी आमदनी में बड़ा इजाफा कर सकते हैं. मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के उमरेठ गांव के किसान ओमप्रकाश पवार ने इसे सच कर दिखाया है. कभी पारंपरिक खेती से सालाना करीब 1.50 लाख रुपये की शुद्ध आय अर्जित करने वाले ओमप्रकाश आज आधुनिक तकनीक से शिमला मिर्च की खेती कर अच्छी कमाई कर रहे हैं. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन से उन्होंने अपनी 3.5 एकड़ जमीन पर ड्रिप सिंचाई तकनीक अपनाई और खेती को अधिक लाभकारी बनाया.

पारंपरिक खेती से नहीं हो पा रही थी अच्छी कमाई

किसान ओमप्रकाश पवार पहले पारंपरिक तरीके से खेती करते थे. इससे उन्हें हर साल लगभग 1.50 लाख रुपये की शुद्ध आय होती थी। सीमित आमदनी के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना चुनौतीपूर्ण था.इसके बाद उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से संपर्क होने पर उन्हें आधुनिक खेती और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के बारे में जानकारी मिली.

विभागीय मार्गदर्शन से उन्होंने खेती में नई तकनीक अपनाने का फैसला किया.अपनी 3.5 एकड़ भूमि पर ड्रिप सिंचाई संयंत्र स्थापित कर उन्होंने फसल उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाया.

ड्रिप सिंचाई ने बदली खेती की तस्वीर

ड्रिप सिंचाई तकनीक अपनाने से खेत में पानी का बेहतर प्रबंधन होने लगा.फसलों को जरूरत के मुताबिक समय पर पानी मिलने लगा और सिंचाई में पानी की बचत भी हुई. इसके बाद ओमप्रकाश पवार ने तकनीकी तरीके से शिमला मिर्च की खेती शुरू की.

शिमला मिर्च की खेती में उन्होंने बीज, उर्वरक, मजदूरी, जुताई, मल्चिंग और अन्य कृषि कार्यों पर लगभग 6.25 लाख रुपये खर्च किए. आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के जरिए उनकी फसल अच्छी हुई और अब तक करीब 8 टन शिमला मिर्च का उत्पादन प्राप्त हो चुका है.

8 टन शिमला मिर्च से 16 लाख रुपये की आय

ओमप्रकाश पवार को शिमला मिर्च की बिक्री से अब तक लगभग 16 लाख रुपये की आय हुई है. खेती पर आए करीब 6.25 लाख रुपये के खर्च को घटाने के बाद उन्हें लगभग 9.75 लाख रुपये का शुद्ध लाभ मिला है.

खास बात यह है कि फसल की अभी 4 से 5 तुड़ाइयां और बाकी हैं. किसान को उम्मीद है कि इन तुड़ाइयों से 4 से 5 लाख रुपये की अतिरिक्त आय हो सकती है. यदि उन्हें अनुमानित कीमत और उत्पादन के अनुसार आमदनी मिलती है, तो इस सीजन में उनका कुल लाभ और बढ़ सकता है.

सरकारी योजना और आधुनिक तकनीक बनी मददगार

किसान ओमप्रकाश पवार का कहना है कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और उद्यानिकी विभाग का मार्गदर्शन नहीं मिलता, तो उनके लिए इस तरह की उन्नत खेती करना मुश्किल होता. ड्रिप सिंचाई जैसी तकनीक ने उन्हें पानी का बेहतर इस्तेमाल करने और शिमला मिर्च की खेती से अच्छी आमदनी हासिल करने में मदद की है.

उनकी सफलता दिखाती है कि किसान सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर खेती में आधुनिक तकनीक अपनाएं, तो कम संसाधनों में भी बेहतर परिणाम हासिल कर सकते हैं.ओमप्रकाश पवार की यह उपलब्धि क्षेत्र के दूसरे किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रही है.

 

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