मध्य प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल किसानों के लिए आय का महत्वपूर्ण स्रोत बनती जा रही है. बेहतर उत्पादन के साथ यह मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ाती है. हालांकि, कीट और रोगों के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए दलहन विकास निदेशालय ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है, जिसमें फसल की सुरक्षा और बेहतर उत्पादन के लिए जरूरी उपाय बताए गए हैं.
क्या आप अपनी पसंदीदा जींस को फेंकने का साहस नहीं कर पा रहे हैं जो खराब हो गई है? तो आठवीं कक्षा के छात्र अभिनव पी.एस. के नक्शेकदम पर चलें, जिन्होंने अपनी पुरानी जींस को सब्जियां उगाने के लिए गमले में बदल दिया. अपने प्रयोग के अच्छे नतीजे मिलने से अब केरल के अभिनव को हर किसी से तारीफ मिल रही है. उत्तरी परवूर के करुमल्लूर गांव के मनक्कापडी में उसके घर पर कई मेहमान उसके प्रयोग को लेकर काफी उत्सुक रहते हैं.
किसानों को सलाह दी गई है कि कोहरे के कारण फसलों में कीट और रोग का प्रकोप हो सकता है. आलू टमाटर और प्याज की अगेती और पछेती खेती में झुलसा रोग का प्रकोप हो सकता है. पौधों में इसके लक्षण दिखाई देने पर बचाव के उपाय करें.
मप्र में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में जीतने पर बिहार की तरह जाति जनगणना यानी Cast Based Census कराने का वादा किया है. कांग्रेस के इस दांव का मकसद एमपी के किसानों को लुभान है. इसके जवाब में भाजपा ने गांव गांव जाकर किसानों को जाति के जंजाल में न फंसने के लिए समझा रही है कि किसान की जाति सिर्फ़ किसानी होती है, इसके अलावा बाकी सब छलावा है.
गोबर से लीपे गए मंडप में मिट्टी की सौंधी खुशबू और केमिकल फ्री अन्न का भोज. मध्य प्रदेश के देवास के किसान की इस अनूठी पहल की देशभर में चर्चा हो रही है. जैविक खेती और जैविक भोजन के बाद अब जैविक शादी भी. किसान ने अपनी भांजी की शादी में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली चीजों से परहेज किया. इस शादी का आयोजन केमिकल फ्री होने का दावा किया है.
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