गुजरात के 4 जिले सूखाग्रस्त घोषित, किसानों को ये मदद देगी राज्‍य सरकार

गुजरात के 4 जिले सूखाग्रस्त घोषित, किसानों को ये मदद देगी राज्‍य सरकार

गुजरात सरकार ने कम और देरी से हुई बारिश के कारण देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, कच्छ और जामनगर को सूखाग्रस्त घोषित किया है. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने प्रभावित किसानों को दो हेक्टेयर की सीमा में 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता देने और पशुओं के चारे के लिए दो महीने तक 80 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु देने की घोषणा की है.

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क‍िसान तक
  • Gandhinagar,
  • Oct 26, 2026,
  • Updated Oct 26, 2026, 4:43 PM IST

गुजरात सरकार ने राज्य के चार जिलों को सूखाग्रस्त घोषित किया है. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, कच्छ और जामनगर जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करने का ऐलान किया है. उन्‍होंने कहा कि भारत सरकार की सूखा निर्धारण गाइडलाइंस-2016 के अनुसार जरूरी प्रक्रिया पूरी करने और उच्चस्तरीय बैठक के बाद यह फैसला लिया गया है. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि इस साल पूरे गुजरात में औसतन 89 फीसदी बारिश हुई. ले‍किन, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, कच्छ और जामनगर जिलों में कम बारिश हुई है. इन चारों जिलों में कम वर्षा के कारण बने हालात को देखते हुए सरकार ने इन्हें सूखाग्रस्त घोषित करने का फैसला किया है. 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मुश्किल समय में पहले भी किसानों के साथ खड़ी रही है और मौजूदा हालात में भी किसानों तथा पशुपालकों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सूखाग्रस्त जिलों के किसानों को राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) के मानदंडों के अनुसार प्रभावित फसलों के लिए सहायता दी जाएगी. फसल नुकसान के लिए किसानों को अधिकतम दो हेक्टेयर की सीमा में 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता प्रदान की जाएगी.

पशु चारे के लिए दो महीने तक ₹80 प्रतिदिन की मदद

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि देरी से हुई बारिश की स्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने पहले से योजना बनाई थी. किसानों और पशुपालकों की मदद के लिए सूखा घोषित होने से पहले ही जून-जुलाई 2026 से पूरे राज्य में रियायती दरों पर चारा वितरण की अनुमति दी गई थी. विशेष मामलों में चारा वितरित करने के लिए जिला कलेक्टरों को भी अधिकृत किया गया था.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सूखाग्रस्त घोषित तालुकों में 2,500 रुपये की सहायता दी गई है. इसके अलावा SDRF के तहत दो महीने तक हर पशु के लिए प्रतिदिन 80 रुपये दिए जाएंगे. पशुपालकों के हित में इस सहायता का खर्च राज्य सरकार उठाएगी.

अब तक 1.21 करोड़ किलो चारा बांटा गया

राज्य सरकार ने कहा कि अब तक गुजरात में दो रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर 1.21 करोड़ किलोग्राम घास (चारा) बांट जा चुका है. फिलहाल राज्य सरकार के पास तीन करोड़ किलोग्राम चारा उपलब्ध है. इसके अलावा और घास खरीदने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.

राज्य सरकार ने सूखाग्रस्त घोषित तालुकों में गांव के लोगों को रोजगार देने के लिए VBG RamG Yojana के तहत 150 दिन का रोजगार उपलब्ध कराने का फैसला किया है. यह घोषणा सूखाग्रस्त जिलों में 1 नवंबर 2026 से लागू होगी.

44 बांधों के कमांड एरिया में दिया गया पानी

मुख्यमंत्री ने राज्य में सिंचाई के लिए पानी की स्थिति की जानकारी देते हुए कहा कि खरीफ सीजन में मांग के आधार पर 44 बांधों के कमांड एरिया में पानी दिया गया है. इस साल राज्य के 206 प्रमुख बांधों में 66 फीसदी पानी जमा हुआ है. आगामी रबी सीजन के लिए राज्य सरकार ने 76 बांधों के कमांड एरिया में सिंचाई के लिए पानी देने की योजना बनाई है.

राज्य सरकार ने पीने के पानी की जरूरत को प्राथमिकता देते हुए 30 जून 2027 तक के लिए पानी रिजर्व किया है. मुख्यमंत्री ने सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता और आगामी रबी सीजन की योजना के साथ पेयजल के लिए पानी सुरक्षित रखने की जानकारी दी. (अतुल तिवारी की रिपोर्ट)

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