बिना शक्कर की काजू-कतली! बस्तर की महिलाओं ने ऑर्गेनिक काजू-गुड़ से शुरू किया अनोखा कारोबार, मंत्री ने की तारीफ

बिना शक्कर की काजू-कतली! बस्तर की महिलाओं ने ऑर्गेनिक काजू-गुड़ से शुरू किया अनोखा कारोबार, मंत्री ने की तारीफ

बस्तर की महिलाओं ने ऑर्गेनिक काजू और गुड़ से बिना शक्कर वाली खास काजू-कतली तैयार की है. वन धन विकास केंद्र, बकावंड की स्व-सहायता समूह की महिलाओं के इस नवाचार को वन मंत्री केदार कश्यप ने सराहा.बस्तर दशहरा और दीपावली पर ‘संजीवनी’ आउटलेट के जरिए इसकी बिक्री की तैयारी है.

धर्मेंद्र सिंह
  • Raipur ,
  • Aug 28, 2026,
  • Updated Aug 28, 2026, 4:13 PM IST

बस्तर की महिलाओं ने स्वरोजगार और उद्यमिता की ऐसी मिसाल पेश की है, जो स्थानीय वनोपज के मूल्य संवर्धन की नई राह दिखाती है.बस्तर वनमंडल के अंतर्गत वन धन विकास केंद्र, बकावंड की धारणी करीन स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने ऑर्गेनिक काजू और शुद्ध ऑर्गेनिक गुड़ के मेल से बिना शक्कर वाली बस्तर काजू-कतली तैयार की है.

इस अनोखी काजू-कतली को तैयार करने के पीछे महिलाओं का उद्देश्य स्थानीय उत्पाद को सिर्फ कच्चे रूप में बेचने के बजाय उसका प्रसंस्करण कर अधिक मूल्य प्राप्त करना है. खास बात यह है कि इसमें सामान्य शक्कर की जगह ऑर्गेनिक गुड़ का इस्तेमाल किया गया है.

 ऋण से शुरू हुआ कारोबार, फिर आया नया प्रयोग

स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने मुख्य वन संरक्षक कार्यालय, जगदलपुर से मिले रिवॉल्विंग फंड के ऋण के जरिए बाजार दर पर कच्चे काजू की खरीदी शुरू की. काजू के प्रसंस्करण के बाद उसे बाजार में बेचकर समूह ने लाभ कमाया.

इसी कारोबार को आगे बढ़ाते हुए महिलाओं ने नया प्रयोग किया और शक्कर-रहित काजू-कतली तैयार की. आकर्षक पैकेजिंग में इसे 500 ग्राम और 1 किलोग्राम के पैक में तैयार किया गया है. बाजार में इस उत्पाद को ग्राहकों की ओर से अच्छा प्रतिसाद मिलने की बात समूह की महिलाओं ने बताई है.

ऑर्गेनिक काजू और गुड़ बना खास पहचान

बस्तर काजू-कतली की खासियत इसमें इस्तेमाल होने वाले स्थानीय ऑर्गेनिक काजू और शुद्ध ऑर्गेनिक गुड़ का मेल है. महिलाओं ने स्थानीय संसाधनों को बाजार की जरूरत से जोड़कर एक ऐसा उत्पाद तैयार किया है, जिससे उन्हें अपने ही क्षेत्र में रोजगार और आय का अवसर मिल रहा है.

बस्तर दशहरा और दीपावली में बढ़ेगी सप्लाई

समूह की महिलाओं ने जगदलपुर सर्किट हाउस में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप से सौजन्य मुलाकात की और उन्हें प्रथम चरण में तैयार की गई बस्तर काजू-कतली भेंट की.

महिलाओं ने बताया कि आगामी बस्तर दशहरा और दीपावली के दौरान आम नागरिकों के लिए इस उत्पाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की योजना है. इसके लिए विभागीय आउटलेट ‘संजीवनी’ के माध्यम से इसकी बिक्री और आपूर्ति की जाएगी.

वन मंत्री केदार कश्यप ने काजू-कतली के स्वाद के साथ महिलाओं की उद्यमशील सोच की सराहना की.उन्होंने संबंधित वन अधिकारियों को समूह को जरूरत के अनुसार हरसंभव विभागीय सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.

यह पहल बस्तर की महिलाओं के लिए सिर्फ एक मिठाई बनाने का प्रयोग नहीं, बल्कि स्थानीय वनोपज को ब्रांडेड उत्पाद में बदलकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला उद्यमिता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

 

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