छत्तीसगढ़ में उमस भरी गर्मी के कारण धान की फसल में तना छेदक, पत्ती लपेटक, गंधी बग, पेनिकल माइट, भूरा माहू, झुलसा रोग और शीथ ब्लाइट जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं. कृषि विभाग ने किसानों से फसल निगरानी और सुरक्षित कीटनाशक उपयोग की अपील की है.
Agriculture Sector में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए छत्तीसगढ़ के कृषि महाविद्यालयों में ग्रेजुएट होने का सुनहरा मौका है. राज्य के इन कॉलेजों में BSc Agriculture कोर्स में दाखिले के लिए Online Counseling शुरू हाे गई है. राज्य सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक काउंसलिंग के बाद काॅलेज और सीट का आवंटन होगा.
लोकसभा चुनाव में Voting Percentage का गिरता ग्राफ चिंता का विषय बन गया है. इस चिंता को दूर करने के लिए Election Commission of India के साथ कारोबारी क्षेत्र ने भी कारगर पहल की है. मतदाताओं को Polling Booth तक लाने के लिए तमाम अजब गजब उपाय भी किए जा रहे हैं.
गेहूं को लेकर जारी किए गए सलाह में कहा गया है कि समय पर बुवाई की गई गेहूं की फसल में अभी दाना भरना शुरू हो गया है. इस समय फसल को नमी की सबसे अधिक जरूरत होती है. इसलिए किसान ,समय समय अपने खेत की सिंचाई करते रहे. इस समय गेहूं में झुलसा रोग का भी प्रकोप हो सकता है. इसके कारण गेंहू की फसल को काफी नुकसान होता है.
किसान सब्जियों के खेतों में निराई-गुड़ाई करें. साथ ही खेत में मौजूद मिट्टी की नमी के आधार पर फूलगोभी, पत्तागोभी, टमाटर, मटर, बैंगन और मिर्च जैसी सब्जियों की फसलों में हल्की सिंचाई करें. जिन किसानों ने समय से गेहूं की बुवाई की है उनके खेतों में गंहू में इस वक्त फूल आ रहे हैं और उनमें दाना भरने की प्रक्रिया में हैं.
छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल सरकार ने दिवाली के त्यौहार पर हर साल बारूद चलाने के कारण होने वाले वायु प्रदूषण से बचने के लिए इस साल Green Diwali के रूप में इस पर्व को मनाने की पहल की है. इसके लिए राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ में प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. इसके साथ ही सरकार ने दिवाली के लिए सख्त प्रोटोकॉल भी तय किया है.
छत्तीसगढ़ सरकार ने कृषि के क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा में करियर बनाने के इच्छुक छात्रों के लिए Food Technology में उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मुहैया कराए हैं. इस अवसर का लाभ 12वीं पास ऐसे छात्र उठा सकते हैं, जो फूड टेक्नोलॉजी में करियर बनाना चाहते हैं. उनके लिए रायपुर स्थित कृषि विश्वविद्यालय में फूड टेक्नोलॉजी में इंजीनियरिंग के ग्रेजुएशन कोर्स के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हाे गई है.
भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि का बड़ा योगदान है. प्राचीन काल से ही खेती में गाय का महत्वपूर्ण रोल रहा है लेकिन समय के साथ धीरे-धीरे गाय का उपयोग कम होने लगा. किसान भी खूब पैदावार के लिए अंधाधुंध रासायनिक उर्बरक का प्रयोग करने लगे जिससे मृदा की सेहत खराब होने लगी है. वहीं अब कृषि वैज्ञानिक भी मानने लगे है कि गाय के गोबर और गोमूत्र के प्रयोग से होने वाली खेती से जमीन की सेहत सुधरती है और पैदा होने वाले अनाज की गुणवत्ता में भी सुधार होता है
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