
तेलंगाना में किसानों के लिए लघु सिंचाई व्यवस्था को ज्यादा प्रभावी और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है. तेलंगाना कृषि और किसान कल्याण आयोग ने राज्य की लघु सिंचाई प्रणाली के पुनर्गठन की सिफारिश की है. आयोग का मानना है कि सिंचाई ढांचे में तकनीकी इकाइयों को शामिल कर पानी के बेहतर और कुशल उपयोग को बढ़ाया जा सकता है. कृषि एवं किसान कल्याण आयोग के अध्यक्ष एम. कोडंडा रेड्डी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से उनके जुबली हिल्स स्थित आवास पर मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को राज्य की लघु सिंचाई व्यवस्था से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट सौंपी और इसमें सुझाए गए सुधारों की जानकारी दी. इस दौरान आयोग के सदस्य रामुलु नाइक, रामरेड्डी गोपाल रेड्डी, गंगाधर और भवानी रेड्डी भी मौजूद रहे.
आयोग ने सरकार को सुझाव दिया है कि कमांड एरिया आधारित प्रबंधन प्रणाली विकसित की जाए. इसके तहत छोटे और बड़े सिंचाई स्रोतों को एकीकृत कर जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन किया जा सकता है. आयोग का मानना है कि ऐसी व्यवस्था से उपलब्ध पानी का अधिक प्रभावी इस्तेमाल होगा और खेती के लिए सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी.
रिपोर्ट में राज्य के तालाबों और अन्य जल निकायों की सुरक्षा को लेकर भी अहम सुझाव दिए गए हैं. आयोग ने तालाबों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए अलग से लघु सिंचाई कानून बनाने की सिफारिश की है. इसके साथ ही जलाशयों की फुल टैंक लेवल यानी एफटीएल सीमाओं की तुरंत पहचान करने, अतिक्रमण हटाने और जल निकायों के संरक्षण को सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है.
किसान आयोग ने कहा कि तेलंगाना में तालाबों का संरक्षण और पुनर्स्थापन केवल सिंचाई तक सीमित मुद्दा नहीं है. यह राज्य की जल सुरक्षा, कृषि क्षेत्र की स्थिरता और ग्रामीण आजीविका से भी सीधे जुड़ा हुआ है. आयोग ने कहा कि जल निकायों को बचाने और उनकी क्षमता बहाल करने से किसानों को लंबे समय तक फायदा मिल सकता है.
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने आयोग की सिफारिशों पर प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा की. मुख्यमंत्री ने आयोग को फसल विविधीकरण, बागवानी फसलों के रकबे और उत्पादन को बढ़ाने और किसान उत्पादक संगठनों यानी एफपीओ के गठन पर विशेष ध्यान देने का सुझाव दिया. सरकार की कोशिश खेती को अधिक लाभकारी बनाने के साथ किसानों के लिए नए बाजार और आय के अवसर तैयार करने की है.
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को पिछले दो वर्षों के दौरान किसान आयोग की ओर से किए गए कार्यों और सरकार को सौंपे गए सुझावों की भी जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने आयोग के कामकाज पर संतोष जताया. अब लघु सिंचाई व्यवस्था में प्रस्तावित सुधारों और आयोग की अन्य सिफारिशों पर सरकार की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी. (एएनआई)