
देश में एवोकाडो की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है और इसकी खेती किसानों के लिए आमदनी का नया जरिया बनकर उभर रही है. पहले भारत में कम पहचाने जाने वाले इस फल की मांग और कीमत दोनों सीमित थीं, लेकिन अब यह स्वास्थ्य और प्रीमियम बाजार में अपनी जगह बना रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 137वें एपिसोड में यह बात कही. उन्होंने आगे कहा कि एवोकाडो अब लोगों की डाइनिंग टेबल तक पहुंच चुका है. शहरों में बढ़ती इसकी खपत का सीधा फायदा उन किसानों को मिल रहा है, जिन्होंने नई फसल को अपनाकर खेती के तरीकों और बाजार से जुड़ने के नए रास्ते तलाशे हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने आंध्र प्रदेश के कडप्पा के किसान वरदराज का उदाहरण देते हुए बताया कि वह लंबे समय से अपने खेत में टमाटर और केले की खेती कर रहे थे. एक मित्र के खेत में एवोकाडो की फसल देखने के बाद उन्होंने इस फसल के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की.
उन्होंने बताया कि वरदराज ने यूट्यूब के जरिए एवोकाडो की खेती से जुड़ी जानकारी हासिल की और इसे अपने खेत में अपनाया. अब तक वह करीब चार टन एवोकाडो का उत्पादन कर चुके हैं और स्थानीय दुकानों तक सीधे इसकी आपूर्ति कर रहे हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नई फसल को अपनाने, वैज्ञानिक सलाह लेने और उत्पाद को सीधे बाजार तक पहुंचाने से वरदराज के छोटे खेत की आय में बदलाव आया है. उन्होंने कहा कि खेती में नवाचार और बेहतर मार्केटिंग किसानों के लिए नए अवसर पैदा कर सकते हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने तमिलनाडु के कोडाइकनाल के किसान चंद्रशेखरन का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि चंद्रशेखरन ने आधे हेक्टेयर जमीन में एवोकाडो की खेती शुरू की, जिससे उन्हें अच्छे दाम मिल रहे हैं और उनकी आय में बढ़ोतरी हुई है.
कर्नाटक के चिक्कमगलूरु में किसान कॉफी के बागानों के साथ एवोकाडो के पौधे लगा रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस तरीके से किसानों को कॉफी और काली मिर्च के साथ अतिरिक्त आय का एक और स्रोत मिल रहा है.
प्रधानमंत्री मोदी ने शहरों में लोकप्रिय एवोकाडो टोस्ट का जिक्र करते हुए कहा कि जिस फल को लोग रेस्टोरेंट में पसंद कर रहे हैं, उसी से देश के किसानों ने कमाई का नया रास्ता खोज लिया है. उन्होंने कहा कि देश में उगाया जा रहा एवोकाडो जहां लोगों के भोजन का स्वाद बढ़ा रहा है, वहीं किसानों की आय बढ़ाने में भी योगदान दे रहा है.