AI बदलेगा खेती का तरीका! शिवराज सिंह से मिले गेट्स फाउंडेशन के CEO, एग्री-टेक पर चर्चा

AI बदलेगा खेती का तरीका! शिवराज सिंह से मिले गेट्स फाउंडेशन के CEO, एग्री-टेक पर चर्चा

भारत में खेती को AI और डिजिटल तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है. गेट्स फाउंडेशन के CEO मार्क सुज़मैन ने कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात के बाद कहा कि किसानों के लिए AI आधारित डिजिटल टूल को मजबूत करने पर भारत सरकार के साथ काम किया जाएगा. 

शिवराज सिंह चौहानशिवराज सिंह चौहान
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Aug 28, 2026,
  • Updated Aug 28, 2026, 1:51 PM IST

भारत में खेती को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक अहम पहल सामने आई है. गेट्स फाउंडेशन के CEO मार्क सुज़मैन ने कहा है कि फाउंडेशन किसानों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI आधारित डिजिटल टूल को मजबूत करने के लिए भारत सरकार के साथ मिलकर काम करेगा. साथ ही यह भी देखा जाएगा कि भारत में विकसित किए जा रहे कृषि तकनीक के मॉडल को एशिया और अफ्रीका के दूसरे विकासशील देशों में भी लागू किया जा सकता है या नहीं.

मार्क सुज़मैन ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ बैठक के बाद यह जानकारी दी. बैठक में खेती में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और AI के बढ़ते इस्तेमाल पर विस्तार से चर्चा हुई. खासतौर पर ऐसे डिजिटल टूल पर बात हुई, जो किसानों को खेती से जुड़े जरूरी फैसले लेने में मदद कर सकते हैं.

AI से किसानों को मिलेगा ये फायदा

सुजमैन के मुताबिक, AI आधारित तकनीक की मदद से किसानों को मौसम का पूर्वानुमान, मिट्टी की सेहत की जानकारी, कृषि सलाह और बाजार से जुड़ी जानकारी आसानी से उपलब्ध कराई जा सकती है. इससे किसानों को सही समय पर सही फैसला लेने में मदद मिलेगी और खेती की लागत कम करने के साथ उत्पादन बढ़ाने में भी सहायता मिल सकती है. बैठक में एग्री-स्टैक को बेहतर बनाने और भारत-विस्तार (Bharat-VISTAAR) जैसे नए कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई. इन पहलों का मकसद किसानों तक डिजिटल तकनीक और कृषि सलाह पहुंचाना है. खासकर ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को AI आधारित डिजिटल टूल से जोड़ने पर भी जोर दिया गया.

एग्री-टेक मॉडल एशिया-अफ्रीका तक पहुंचेगा

मार्क सुज़मैन ने कहा कि भारत ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में काफी अनुभव हासिल किया है. इसी वजह से भारत ऐसे कृषि तकनीक मॉडल तैयार कर सकता है, जिन्हें दूसरे विकासशील देशों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि फाउंडेशन और भारत सरकार मिलकर इन तकनीकों को और मजबूत करने के साथ यह पता लगाएंगे कि इन्हें एशिया और अफ्रीका के अन्य देशों तक किस तरह पहुंचाया जा सकता है.

ग्रामीण महिलाओं और आजीविका पर भी चर्चा

बैठक के दौरान ग्रामीण आजीविका से जुड़े कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई. खासतौर पर महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और उन्हें रोजगार और आय के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया गया. सुज़मैन ने बताया कि गेट्स फाउंडेशन ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आजीविका से जुड़े कार्यक्रमों में सरकार के साथ सहयोग कर रहा है और नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन को भी समर्थन दे रहा है. इसके अलावा कृषि क्षेत्र में रिसर्च और डेवलपमेंट को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई. गेट्स फाउंडेशन की ICAR के साथ रिसर्च पार्टनरशिप का भी उल्लेख किया गया. यह सहयोग पशुपालन और फसल सुधार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जा रहा है.

सुजमैन ने कहा कि भारत के पास कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए रिसर्च और इनोवेशन का अच्छा अनुभव है. ऐसे में भारतीय कृषि अनुसंधान और तकनीक का लाभ सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे ग्लोबल साउथ के दूसरे देशों तक भी पहुंचाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि भारत का डिजिटल अनुभव और कृषि क्षेत्र में रिसर्च की क्षमता, 'विकसित भारत' के लक्ष्यों के साथ-साथ दूसरे विकासशील देशों के लिए भी उपयोगी मॉडल तैयार करने में मदद कर सकती है. इससे किसानों को तकनीक से जोड़ने और कृषि क्षेत्र को ज्यादा उत्पादक, टिकाऊ और आधुनिक बनाने की दिशा में नई संभावनाएं खुल सकती हैं. (ANI)

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