
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के कुलपहाड़ क्षेत्र से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां अज्ञात कारणों से लगी आग ने किसान की महीनों की मेहनत को कुछ ही देर में राख में बदल दिया. बटाई पर खेती करने वाले किसान नारायण दास की कटी हुई गेहूं की फसल में अचानक आग लग गई, जिससे खेत में रखा पूरा ढेर तेजी से लपटों की चपेट में आ गया. घटना के समय गेहूं की फसल काटकर एक जगह इकट्ठा की गई थी, जिससे आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया.
आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने धुआं और लपटें उठती देख तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तेज हवा और सूखी फसल के कारण हालात काबू से बाहर हो गए. सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग को खबर दी गई, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार, फायर ब्रिगेड करीब एक घंटे की देरी से पहुंची. तब तक लगभग 10 बीघा में से 7 बीघा गेहूं पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी. दमकल टीम ने पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया.
पीड़ित किसान नारायण दास ने कहा, "हमारी पूरी फसल जल गई है, अब कुछ भी नहीं बचा. बहुत मेहनत की थी, लेकिन सब खत्म हो गया. सरकार से मदद की उम्मीद है." वहीं, ग्रामीण पवन प्रजापति ने बताया कि पीड़ित किसान बटाई पर खेती करता है और इस नुकसान से पूरी तरह टूट चुका है.
उन्होंने प्रशासन से जल्द सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है ताकि किसान को राहत मिल सके. ग्रामीण ने कहा, "आग बहुत तेजी से फैली, हम लोगों ने काफी कोशिश की लेकिन बचा नहीं पाए. प्रशासन को तुरंत मदद करनी चाहिए."
दमकल विभाग के फायरमैन राघवेंद्र के अनुसार, फसल कटी हुई और एक जगह रखी होने के कारण आग तेजी से फैली और नुकसान ज्यादा हुआ. उन्होंने बताया कि टीम ने मौके पर पहुंचकर आग को पूरी तरह बुझा दिया और स्थिति को नियंत्रित किया. उन्होंने कहा, "कटी हुई फसल एक जगह जमा थी, इसलिए आग तेजी से फैली. काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाया गया."
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने नुकसान का जायजा लिया है. अब पीड़ित किसान और ग्रामीण प्रशासन से जल्द मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे हैं, ताकि इस भारी नुकसान की कुछ भरपाई हो सके.