Foodgrain production: धान-गेहूं ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड, देश में नई ऊंचाई पर पहुंचा खाद्यान्न उत्पादन

Foodgrain production: धान-गेहूं ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड, देश में नई ऊंचाई पर पहुंचा खाद्यान्न उत्पादन

वर्ष 2025-26 में भारत का कुल खाद्यान्न उत्पादन 3765.63 लाख टन रहने का अनुमान है, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है. चावल, गेहूं, मक्का, तिलहन और गन्ना सहित कई फसलों में उत्पादन बढ़ने का अनुमान जताया गया है.

खाद्यान्न उत्पादन का नया अनुमान जारी. खाद्यान्न उत्पादन का नया अनुमान जारी.
क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • May 27, 2026,
  • Updated May 27, 2026, 5:17 PM IST

भारत में कृषि उत्पादन लगातार नई ऊंचाइयां छू रहा है. वर्ष 2025-26 के तीसरे अग्रिम अनुमान के मुताबिक देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन 3765.63 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 3577.32 लाख टन से करीब 188 लाख टन (5.3%) अधिक है. यह अब तक का सबसे अधिक उत्पादन है. 

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस उपलब्धि के लिए किसानों को बधाई देते हुए कहा कि यह रिकॉर्ड उत्पादन सरकार की किसान-केंद्रित नीतियों और आधुनिक कृषि तकनीक के विस्तार का परिणाम है.

प्रमुख फसलों में रिकॉर्ड उत्पादन

फसलवार आंकड़ों के मुताबिक, कई प्रमुख अनाजों में रिकॉर्ड उत्पादन का अनुमान है. चावल 1540.24 लाख टन, गेहूं 1206.57 लाख टन और मक्का 550.93 लाख टन (रिकॉर्ड स्तर) तक रहने का अनुमान है. इन प्रमुख फसलों में पिछले साल की तुलना में बहुत बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है. खासकर मक्का उत्पादन में बड़ी छलांग देखने को मिली है.

दलहन और मोटे अनाज में भी बढ़त

दलहन फसलों में भी सुधार दिखा है. चना 125.14 लाख टन (करीब 14 लाख टन की बढ़ोतरी), तूर 35.92 लाख टन और मसूर 17.62 लाख टन उत्पादन होने का अनुमान है. इसके अलावा पोषक और मोटे अनाज (श्री अन्न) का उत्पादन 175.84 लाख टन और कुल मोटे अनाज 744.72 लाख टन रहने का अनुमान है.

तिलहन उत्पादन भी मजबूत

तिलहन क्षेत्र में भी मजबूत प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. कुल तिलहन 430.59 लाख टन, मूंगफली 130.74 लाख टन (रिकॉर्ड स्तर), सोयाबीन 125.96 लाख टन और सरसों-रेपसीड 137.68 लाख टन (रिकॉर्ड स्तर) रहने का अनुमान है.

कमर्शियल फसलों में शानदार वृद्धि

कमर्शियल फसलों में भी उत्पादन बढ़ा है. गन्ना 5000.63 लाख टन (रिकॉर्ड), कपास 290.24 लाख गांठें और जूट 91.76 लाख गांठें रहने का अनुमान है.

क्यों बढ़ा उत्पादन

कृषि मंत्री के अनुसार, इस बढ़ोतरी के पीछे कई अहम कारण हैं.

  • बेहतर बीज और कृषि अनुसंधान (ICAR की भूमिका)
  • जलवायु के अनुरूप विकसित किस्में
  • वैज्ञानिक खेती के तरीके
  • डिजिटल और जलवायु-स्मार्ट तकनीक का उपयोग
  • किसानों तक आधुनिक जानकारी का प्रसार

2025–26 में आईसीआर ने देश के अलग-अलग कृषि-जलवायु क्षेत्रों के लिए 339 फसल किस्में जारी कीं, जिनमें अनाज, तिलहन, दलहन, कमर्शियल फसलें और चारा फसलें शामिल हैं. वर्ष 2024–25 में ब्रीडर बीज उत्पादन 109,370.2 क्विंटल तक पहुंचा, जबकि क्वालिटी वाला बीज उत्पादन 433,114.7 क्विंटल रहा. मिट्टी और जल संसाधन प्रबंधन, जलवायु-स्मार्ट कृषि, डिजिटल सॉइल इंटेलिजेंस और कृषि तकनीकों में नवाचारों ने प्रमुख कृषि फसलों के उत्पादन में बड़ा योगदान दिया है.

तकनीक और रिसर्च पर जोर

सरकार का कहना है कि वह कृषि क्षेत्र को और मजबूत बनाने के लिए निवेश, तकनीक और शोध पर लगातार जोर दे रही है. बेहतर उत्पादन के साथ देश खाद्य सुरक्षा के मामले में और अधिक मजबूत स्थिति में पहुंच रहा है.

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