
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में गेहूं खरीद को लेकर किसानों का आंदोलन शनिवार को और तेज हो गया. सरकारी खरीद की अवधि और लक्ष्य बढ़ाने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में किसान पीलीबंगा में एकजुट हुए. किसानों ने कहा कि मंडियों में अभी भी बड़ी मात्रा में गेहूं पड़ा हुआ है, जबकि खरीद प्रक्रिया समाप्ति की ओर बढ़ रही है. सुबह आयोजित बैठक के बाद किसानों ने प्रदर्शन को नया रूप देते हुए बीकानेर-हनुमानगढ़ रेल मार्ग की ओर कूच किया. प्रदर्शनकारी रेल पटरी पर बैठ गए, जिससे कुछ समय के लिए रेल संचालन प्रभावित हुआ. प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किसानों से बातचीत की और समझाइश के बाद उन्हें ट्रैक खाली कराने में सफलता मिली. इसके बाद किसान वापस अपने धरना स्थल पर लौट गए.
किसान पिछले दो दिनों से उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना दे रहे हैं. इससे पहले आंदोलन के दौरान किसानों ने सड़क जाम कर भी अपना विरोध दर्ज कराया था. प्रदर्शनकारी संगठनों का कहना है कि कई बार प्रशासन के साथ चर्चा होने के बावजूद उनकी प्रमुख मांगों पर कोई ठोस फैसला सामने नहीं आया है.
आंदोलन कर रहे किसानों का दावा है कि खरीद केंद्रों पर व्यवस्था संबंधी समस्याओं के कारण बड़ी मात्रा में फसल अभी तक नहीं खरीदी जा सकी है. किसानों ने कहा कि वर्तमान समयसीमा के भीतर खरीद प्रक्रिया समाप्त कर दी गई तो बड़ी संख्या में किसान फसल बेचने से वंचित रह जाएंगे. यही वजह है कि वे खरीद अवधि बढ़ाने की मांग पर अड़े हुए हैं.
प्रशासन और किसान नेताओं के बीच पिछले दिनों कई चरणों में बातचीत हुई, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी. किसान नेताओं का कहना है कि खरीद अवधि बढ़ाने और खरीद लक्ष्य में संशोधन जैसे फैसले राज्य सरकार स्तर पर ही लिए जा सकते हैं. उन्हाेंने आरोप लगाया कि लोकल लेवल पर सिर्फ आश्वासन दिए जा रहे हैं, जबकि किसानों को तत्काल निर्णय की जरूरत है.
किसानों और व्यापारिक संगठनों ने गेहूं खरीद की अवधि 30 जून तक बढ़ाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि खरीद केंद्रों पर बारदाने की कमी, गेहूं उठाव में देरी और स्लॉट बुकिंग से जुड़ी दिक्कतों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है. इन समस्याओं के समाधान और लंबित उपज की खरीद सुनिश्चित करने को लेकर आंदोलन फिलहाल जारी है. (पीटीआई)