Crop Loss: बिगड़े मौसम ने यूपी में बरपाया कहर, इस जिले में गेहूं की खड़ी फसल बिछी, चिंता में किसान

Crop Loss: बिगड़े मौसम ने यूपी में बरपाया कहर, इस जिले में गेहूं की खड़ी फसल बिछी, चिंता में किसान

सहारनपुर में तेज हवा और लगातार बारिश ने गेहूं की खड़ी फसल को गिरा दिया है. कई जगहों पर तैयार फसल जमीन पर बिछ गई है, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता पर असर पड़ने की आशंका है. किसानों का कहना है कि गिरने से पैदावार आधी रह सकती है और आर्थिक नुकसान बढ़ेगा.

Wheat Crop Damaged In SaharanpurWheat Crop Damaged In Saharanpur
अनिल कुमार भारद्वाज
  • सहारनपुर,
  • Mar 21, 2026,
  • Updated Mar 21, 2026, 9:51 AM IST

देशभर में बीते कुछ दिनों से कई राज्‍यों में तेज हवा-आंधी, बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि ने कहर बरपा रखा है. कई जगहों पर जान-माल की हानि और फसल नुकसान की खबरें सामने आई है. बिगड़े हुए मौसम की चपेट में उत्‍तर प्रदेश के कई जिले भी शामिल हैं, जहां गेहूं सहित कई अन्‍य फसलों को भारी नुकसान हुआ है. कई जगहों पर फसल बिछ गई है. सहारनपुर में बदले मौसम के मिजाज ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है.

उत्‍पादन पर असर पड़ने की आशंका

तेज हवा और लगातार हो रही बारिश के चलते खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह से बिछ गई है. कई जगहों पर तैयार और पक चुकी फसल जमीन पर गिर गई है, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ने की आशंका है. खेतों में कहीं हरी तो कहीं पीली फसल जमीन पर लेटी नजर आ रही है, जो किसानों की चिंता बढ़ा रही है.

किसान ने कहा- क्‍वालिटी पर पड़ेगा असर

किसानों का कहना है कि फसल गिरने से गेहूं के दाने की गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है. जब फसल खड़ी रहती है तो पैदावार बेहतर होती है, लेकिन गिरने के बाद दाना छोटा रह जाता है और उत्पादन लगभग आधा हो जाता है. ऐसे में लागत निकालना भी मुश्किल हो जाता है. गांव दतोली मुगल के किसान लियाकत ने बताया कि तेज हवा और लगातार खराब मौसम के कारण उनके खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह गिर गई.

उन्‍होंने कहा कि जब फसल खड़ी रहती है तो ज्यादा पैदावार होती है, लेकिन गिरने के बाद उत्पादन आधा रह जाता है. पहले जहां दो क्विंटल तक गेहूं निकलता था, अब गिरने के बाद मुश्किल से एक क्विंटल ही मिलेगा, जिससे किसानों को सीधा आर्थिक नुकसान होगा.

कैसा दाना निकलेगा पता नहीं: किसान गालिब

वहीं, किसान गालिब ने भी मौसम से हुए नुकसान पर अपनी आपबीती बयां की. उन्होंने कहा कि तेज हवा के चलते लगभग सारी गेहूं की फसल गिर गई है और अब दाने की गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा. उन्‍हें चिंता है कि गिर चुकी फसल से अच्छा और मोटा दाना निकल पाएगा या नहीं, क्योंकि इस स्थिति में मेहनत के बावजूद फायदा कम और नुकसान ज्यादा हो जाता है.

बता दें कि इस बिगड़े हुए मौसम का अब तक सबसे ज्‍यादा असर महाराष्‍ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में दिखने को मिला है, जहां शुक्रवार तक 2 लोगों की मौत 41 पशुधन की हानि और बड़ी मात्रा में फसलों को नुकसान की खबरें सामने आईं. इसके अलावा गुजरात, राजस्‍थान और अन्‍य कुछ राज्‍यों में भी फसलों को नुकसान पहुंचा है.

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