सागर में मौसम का कहर: ओलावृष्टि से कई फसलें चौपट, किसानों की बढ़ी चिंता

सागर में मौसम का कहर: ओलावृष्टि से कई फसलें चौपट, किसानों की बढ़ी चिंता

सागर जिले में अचानक बदले मौसम ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. स्थानीय किसानों का कहना है कि इस बेमौसम बारिश ने उनकी सालभर की मेहनत बर्बाद कर दी है. कई किसान अब प्रशासन से फसल सर्वे और उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं.

सागर में मौसम का कहरसागर में मौसम का कहर
क‍िसान तक
  • Sagar,
  • Mar 21, 2026,
  • Updated Mar 21, 2026, 10:56 AM IST

मध्यप्रदेश के सागर जिले में अचानक बदले मौसम ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने कई गांवों में खड़ी फसलों को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया है. खेतों में जहां कुछ दिन पहले तक गेहूं और चना की फसल लहलहा रही थी. वहीं, अब ओलों की सफेद चादर बिछी नजर आ रही है. इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है.

जिले के बंडा, शाहगढ़, बीना और खुरई ब्लॉक के करीब एक दर्जन गांवों में ओलावृष्टि की खबरें सामने आई हैं. सबसे ज्यादा नुकसान शाहगढ़ तहसील के दलपतपुर क्षेत्र में बताया जा रहा है, जहां चकेरी, निहानी और सांदागिर जैसे गांवों में बड़े-बड़े ओले गिरे. ग्रामीणों के मुताबिक, ओलों का आकार बेर जितना था, जिससे खड़ी फसलें पूरी तरह बिछ गईं. कई जगहों पर पहले से कटी हुई फसल भी बारिश में भीगकर खराब हो गई.

उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका

गढ़ाकोटा और आसपास के क्षेत्रों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि का असर देखने को मिला. केकरा, रेगुवा, खेजरा, चरखारी और खीरिया खवास जैसे गांवों में खेतों में पानी भर गया है. चना की फसल, जो कटाई के लिए तैयार थी, अब खराब होने की कगार पर है. वहीं, गेहूं की फसल आंधी के कारण झुक गई है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है.

किसानों ने कि उचित मुआवजे की मांग

स्थानीय किसानों का कहना है कि इस बेमौसम बारिश ने उनकी सालभर की मेहनत बर्बाद कर दी है. कई किसान अब प्रशासन से फसल सर्वे और उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि अगर जल्द राहत नहीं मिली तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा.

अगले 48 घंटे की मौसम को लेकर अलर्ट

मौसम विभाग ने भी आने वाले समय को लेकर चिंता बढ़ा दी है. सागर के मौसम वैज्ञानिक विवेक छलोत्रे के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों में मौसम और खराब हो सकता है. 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ बारिश और कहीं-कहीं ओले गिरने की संभावना जताई गई है. उत्तरी सागर क्षेत्र में इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग ने सागर जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि दतिया, भिंड, मंडला, बालाघाट, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों के लिए हाई अलर्ट घोषित किया गया है. शुक्रवार को तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई. अधिकतम तापमान 5 डिग्री गिरकर 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 3 डिग्री गिरकर 18 डिग्री के आसपास पहुंच गया.

बर्बादी का मंजर देखकर किसान मायूस

विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से यह मौसम परिवर्तन हुआ है. एक ट्रफ लाइन उत्तरी पाकिस्तान से होते हुए दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश तक गुजर रही है, जिससे मौसम अस्थिर बना हुआ है. इसके अलावा 22 मार्च और 26 मार्च को नए सिस्टम बनने की भी संभावना जताई जा रही है, जिससे मौसम में और उतार-चढ़ाव आ सकता है. फिलहाल, खेतों में बर्बादी का मंजर देखकर किसान मायूस हैं और आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं. अब सबकी नजर प्रशासन पर है कि नुकसान का आकलन कब होगा और राहत कब मिलेगी. (हिमांशु पुरोहित की रिपोर्ट)

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