
छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन की खेती अब अंतिम चरण में पहुंच गई है.मानसून की सक्रियता और खेतों में पर्याप्त नमी के बीच प्रदेश में खरीफ फसलों की बोनी तेजी से पूरी हो रही है. 11 अगस्त 2026 तक प्रदेश में निर्धारित लक्ष्य का 94 प्रतिशत बुवाई कार्य पूरा हो चुका है. अब तक 45.62 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न खरीफ फसलों की बुवाई की जा चुकी है. राज्य सरकार ने इस खरीफ सीजन में कुल 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया है.
प्रदेश में धान प्रमुख खरीफ फसल है, लेकिन किसान अब पारंपरिक धान के साथ मक्का, कोदो-कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली, रामतिल सहित अन्य फसलों की भी खेती कर रहे हैं. मौसम की स्थिति अनुकूल रहने और खेतों में नमी उपलब्ध होने के साथ शेष क्षेत्र में भी बुवाई का काम तेजी से पूरा होने की उम्मीद है.
खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद और प्रमाणित बीज की उपलब्धता में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए राज्य सरकार लगातार निगरानी कर रही है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संबंधित अधिकारियों को किसानों की मांग के अनुरूप खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
मुख्यमंत्री ने सहकारी समितियों और अन्य वितरण केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज का भंडारण सुनिश्चित करने तथा इसकी नियमित निगरानी करने को कहा है. उन्होंने वितरण व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं.
कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के अधिकारी खाद और बीज की उपलब्धता, भंडारण तथा वितरण व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.
खरीफ सीजन 2026 के लिए राज्य में 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके मुकाबले सहकारी और निजी क्षेत्र में अब तक 15.83 लाख मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया जा चुका है.
कृषि विभाग के अनुसार, किसानों को अब तक 11.23 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरित किया जा चुका है.यह निर्धारित वितरण लक्ष्य का लगभग 71 प्रतिशत है.उपलब्धता और वितरण के इस आंकड़े से स्पष्ट है कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों की खाद संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में स्टॉक रखा गया है.
खरीफ फसलों के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने पर भी सरकार का विशेष जोर है. खरीफ सीजन 2026 में बीज निगम ने किसानों को 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है.
इसके विरुद्ध अब तक 4.80 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का भंडारण किया जा चुका है, जबकि किसानों को 4.55 लाख क्विंटल बीज वितरित किया जा चुका है.यह निर्धारित मांग का लगभग 92 प्रतिशत है.
इसमें धान के अलावा मक्का, दलहन, तिलहन और अन्य खरीफ फसलों के लिए आवश्यक बीज शामिल हैं.विभाग का प्रयास है कि बोनी के अंतिम चरण में किसानों को जरूरत के अनुसार प्रमाणित बीज आसानी से उपलब्ध हो सके.
प्रदेश में खरीफ बुवाई की प्रगति लगातार बढ़ रही है.48.69 लाख हेक्टेयर के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 45.62 लाख हेक्टेयर में बोनी पूरी हो चुकी है. इस तरह कुल लक्ष्य का करीब 94 प्रतिशत हिस्सा कवर हो गया है.धान प्रदेश की सबसे प्रमुख खरीफ फसल है इसके साथ ही किसान मक्का, कोदो-कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली, रामतिल और अन्य फसलों का रकबा भी बढ़ा रहे हैं. मानसून की बारिश से खेतों में नमी की स्थिति बेहतर होने के कारण शेष क्षेत्र में बोनी का काम भी आगे बढ़ रहा है.
खेती-किसानी के लिहाज से इस खरीफ सीजन में मानसून की स्थिति महत्वपूर्ण रही है. 11 अगस्त की सुबह तक छत्तीसगढ़ में 658.1 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है. प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिलीमीटर है.
पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों के आधार पर इसी अवधि में प्रदेश में औसत वर्षा 658.5 मिलीमीटर रही है. इस लिहाज से वर्तमान खरीफ सीजन में अब तक दर्ज औसत बारिश सामान्य से महज 0.4 मिलीमीटर कम है. बारिश की यह स्थिति खरीफ फसलों की बोनी के लिए अपेक्षाकृत अनुकूल मानी जा रही है.
खरीफ सीजन में किसानों को खाद-बीज के साथ खेती की अन्य जरूरतों के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने पर भी सरकार का जोर है.किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है.
अधिकारियों के अनुसार, 10 अगस्त 2026 तक किसानों को 7,487.46 करोड़ रुपये का अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित किया जा चुका है. पिछले वर्ष इसी अवधि में 6,267.86 करोड़ रुपये का कृषि ऋण वितरित किया गया था.यानी इस वर्ष अब तक पिछले साल की समान अवधि की तुलना में किसानों तक अधिक कृषि ऋण पहुंचा है.
राज्य सरकार ने खरीफ सीजन 2026 में किसानों को कुल 8,800 करोड़ रुपये का कृषि ऋण वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है.इस दिशा में अब तक बड़ी राशि किसानों तक पहुंचाई जा चुकी है.
छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन की बोनी अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. 45.62 लाख हेक्टेयर में बोनी पूरी होने के साथ राज्य ने अपने निर्धारित लक्ष्य का 94 प्रतिशत हासिल कर लिया है. अब करीब 3.07 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का काम बाकी है.
सरकार की प्राथमिकता शेष क्षेत्र में समय पर बोनी पूरी कराने के साथ किसानों को खाद, प्रमाणित बीज और कृषि ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित करना है. कृषि विभाग द्वारा मौसम, खेतों में नमी, खाद-बीज के भंडारण और वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है.यदि आगामी दिनों में मानसून की स्थिति अनुकूल बनी रहती है और खेतों में पर्याप्त नमी उपलब्ध रहती है, तो प्रदेश में खरीफ बोनी का निर्धारित 48.69 लाख हेक्टेयर का लक्ष्य जल्द पूरा होने की उम्मीद है. इससे राज्य में खरीफ फसलों के बेहतर उत्पादन की संभावनाएं भी मजबूत होंगी.