
विदर्भ क्षेत्र में पिछले लगभग 12 घंटे से लगातार हो रही तेज बारिश ने पूरे इलाके का मौसम पूरी तरह बदल दिया है. अकोला और अमरावती जिलों में रुक-रुककर हुई झमाझम बारिश से गर्मी और उमस से राहत मिली है और मौसम काफी सुहावना हो गया है. लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों के लिए यह बारिश किसी राहत से कम नहीं है.
इस बारिश का सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिला है. इस साल जून में अल नीनो के असर के कारण बारिश कम हुई थी, जिससे खरीफ की फसलें प्रभावित हो रही थीं. जून के आखिरी सप्ताह में थोड़ी बारिश के बाद किसानों ने कपास, सोयाबीन और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई की थी, लेकिन इसके बाद बारिश रुक जाने से खेतों में अंकुरित फसलें सूखने के कगार पर आ गई थीं. अब पिछले 12 घंटे की लगातार बारिश ने इन फसलों को नई जिंदगी दे दी है. खेतों में नन्हे पौधों को पर्याप्त नमी मिलने से किसानों ने राहत की सांस ली है और उनके चेहरों पर खुशी लौट आई है.
अमरावती जिले में तेज बारिश के साथ कई जगहों पर तेज हवाएं भी चलीं. अमरावती–परतवाड़ा–धारणी–बुरहानपुर मार्ग पर एक बड़ा पेड़ गिर जाने से कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया. हालांकि सूचना मिलते ही प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पेड़ को हटाया और रास्ता फिर से चालू कर दिया.
लगातार बारिश के बाद प्रसिद्ध पर्यटन स्थल चिखलदरा का मौसम बेहद सुहाना हो गया है. ठंडी हवाओं और हरियाली के बीच यहां का दृश्य और भी आकर्षक बन गया है. वीकेंड के चलते बड़ी संख्या में पर्यटक चिखलदरा पहुंच रहे हैं और प्राकृतिक नज़ारों का आनंद ले रहे हैं.
किसानों का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में इसी तरह संतुलित बारिश जारी रही तो इस बार खरीफ सीजन बेहतर हो सकता है. खेतों में अब नमी बनी रहने से फसलें तेजी से बढ़ने की उम्मीद है, जिससे उत्पादन भी अच्छा रह सकता है. विदर्भ में यह बारिश किसानों और आम लोगों दोनों के लिए राहत और उम्मीद लेकर आई है.
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