
गुजरात सरकार ने राज्य के किसानों को राहत देते हुए 7 जुलाई से जायद (ग्रीष्मकालीन) मूंग की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद शुरू करने का फैसला किया है. यह खरीद केंद्र सरकार की पीएम-आशा योजना के तहत प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के जरिए की जाएगी. राज्य सरकार का कहना है कि बाजार भाव MSP से नीचे जाने पर किसानों को नुकसान से बचाने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया. राज्य सरकार के प्रवक्ता और मंत्री जीतूभाई वाघाणी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और बाजार में कीमत गिरने की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा देना है.
केंद्र सरकार ने मार्केटिंग वर्ष 2025-26 के लिए जायद मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8,768 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है. अगर खुले बाजार में मूंग का भाव इससे नीचे रहता है तो पीएम-आशा योजना के तहत सरकार MSP पर खरीद करेगी. इससे किसानों को कम कीमत पर फसल बेचने की मजबूरी नहीं रहेगी.
राज्यभर से 14,383 किसानों ने MSP पर समर मूंग बेचने के लिए पंजीकरण कराया है. खरीद प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए विभिन्न जिलों में 51 खरीद केंद्र बनाए गए हैं. पंजीकृत किसानों को उनकी खरीद की तारीख और समय की जानकारी एसएमएस के माध्यम से भेजी जाएगी. किसानों को निर्धारित समय पर अपनी उपज लेकर संबंधित खरीद केंद्र पहुंचना होगा.
सरकार ने बताया कि प्रत्येक किसान से खरीदी जाने वाली मूंग की मात्रा उसकी बोई गई जमीन के आधार पर तय होगी. इसके लिए प्रति हेक्टेयर 1,200 किलोग्राम उत्पादन का मानक रखा गया है. वहीं, एक किसान से अधिकतम 1,500 किलोग्राम यानी 75 मन मूंग की खरीद की जाएगी.
राज्य सरकार ने सभी रजिस्टर्ड किसानों से तय कार्यक्रम के अनुसार खरीद केंद्रों पर पहुंचने की अपील की है. सरकार का कहना है कि निर्धारित समय पर उपज बेचने से किसानों को योजना का पूरा लाभ मिल सकेगा. पीएम-आशा योजना की प्राइस सपोर्ट स्कीम का उद्देश्य बाजार में कीमत गिरने की स्थिति में किसानों की आय की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. (एएनआई)