गुजरात में 7 जुलाई से शुरू होगी जायद मूंग की MSP खरीद, इतनी लिमिट तक उपज बेच सकेंगे किसान

गुजरात में 7 जुलाई से शुरू होगी जायद मूंग की MSP खरीद, इतनी लिमिट तक उपज बेच सकेंगे किसान

गुजरात में 7 जुलाई से पीएम-आशा योजना के तहत जायद मूंग की MSP पर खरीद शुरू होगी. 2025-26 सीजन के लिए MSP 8,768 रुपये प्रति क्विंटल तय है. राज्य के 14,383 किसानों ने पंजीकरण कराया है और 51 खरीद केंद्रों पर तय कार्यक्रम के अनुसार किसान अपनी उपज बेच सकेंगे.

Zaid Moong Khairidi GujaratZaid Moong Khairidi Gujarat
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jul 02, 2026,
  • Updated Jul 02, 2026, 1:10 PM IST

गुजरात सरकार ने राज्य के किसानों को राहत देते हुए 7 जुलाई से जायद (ग्रीष्‍मकालीन) मूंग की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद शुरू करने का फैसला किया है. यह खरीद केंद्र सरकार की पीएम-आशा योजना के तहत प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के जरिए की जाएगी. राज्य सरकार का कहना है कि बाजार भाव MSP से नीचे जाने पर किसानों को नुकसान से बचाने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया. राज्‍य सरकार के प्रवक्ता और मंत्री जीतूभाई वाघाणी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और बाजार में कीमत गिरने की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा देना है.

जायद मूंग के लिए 8768 रुपये MSP तय

केंद्र सरकार ने मार्केटिंग वर्ष 2025-26 के लिए जायद मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8,768 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है. अगर खुले बाजार में मूंग का भाव इससे नीचे रहता है तो पीएम-आशा योजना के तहत सरकार MSP पर खरीद करेगी. इससे किसानों को कम कीमत पर फसल बेचने की मजबूरी नहीं रहेगी.

14 हजार से ज्यादा किसानों ने कराया पंजीकरण

राज्यभर से 14,383 किसानों ने MSP पर समर मूंग बेचने के लिए पंजीकरण कराया है. खरीद प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए विभिन्न जिलों में 51 खरीद केंद्र बनाए गए हैं. पंजीकृत किसानों को उनकी खरीद की तारीख और समय की जानकारी एसएमएस के माध्यम से भेजी जाएगी. किसानों को निर्धारित समय पर अपनी उपज लेकर संबंधित खरीद केंद्र पहुंचना होगा.

हर किसान से खरीद की सीमा तय

सरकार ने बताया कि प्रत्येक किसान से खरीदी जाने वाली मूंग की मात्रा उसकी बोई गई जमीन के आधार पर तय होगी. इसके लिए प्रति हेक्टेयर 1,200 किलोग्राम उत्पादन का मानक रखा गया है. वहीं, एक किसान से अधिकतम 1,500 किलोग्राम यानी 75 मन मूंग की खरीद की जाएगी.

किसानाें से समय पर केंद्र पहुंचने की अपील

राज्य सरकार ने सभी रजिस्‍टर्ड किसानों से तय कार्यक्रम के अनुसार खरीद केंद्रों पर पहुंचने की अपील की है. सरकार का कहना है कि निर्धारित समय पर उपज बेचने से किसानों को योजना का पूरा लाभ मिल सकेगा. पीएम-आशा योजना की प्राइस सपोर्ट स्कीम का उद्देश्य बाजार में कीमत गिरने की स्थिति में किसानों की आय की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. (एएनआई)

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