
अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) ने अनाज सहित कई फसलों के उत्पादन का नया अनुमान जारी किया है. इसमें दुनिया के लगभग सभी देशों में अनाज, दलहन, तिलहन जैसी फसलों का आंकड़ा दिया गया है. यूएसडीए की रिपोर्ट बताती है कि भारत में इस साल (2026-27) गेहूं का उत्पादन 1210 लाख टन (121 मिलियन मीट्रिक टन) तक पहुंच सकता है. पिछले साल यह आंकड़ा लगभग 1180 लाख टन के आसपास था. रिपोर्ट के मुताबिक, पूरी दुनिया में 820 मिलियन मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन हो सकता है. हालांकि पिछले साल के मुकाबले गेहूं उत्पादन में 2.82 परसेंट की कमी आ सकती है. वॉल्यूम के लिहाज से यह गिरावट 24 मिलियन मीट्रिक टन तक रहेगी. USDA का यह आंकड़ा जुलाई 2027 तक के लिए है. पूरी दुनिया में इस साल 215 मिलियन हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई होने का अनुमान है.
अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में बताया है कि 2026-27 में भारत का गेहूं उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, मोटे अनाज (Coarse Grains) का उत्पादन 2026-27 में 71.3 मिलियन टन रहने का अनुमान है. यह 2025-26 के 74.6 मिलियन टन के अनुमान से कम, लेकिन 2024-25 के 63.7 मिलियन टन से अधिक है.
चावल (मिल्ड राइस) के उत्पादन को लेकर USDA ने 2026-27 में 150 मिलियन टन का अनुमान बरकरार रखा है. यह 2024-25 के उत्पादन स्तर के बराबर है, जबकि 2025-26 का शुरुआती अनुमान 154 मिलियन टन था.
सभी अनाजों (Total Grains) का कुल उत्पादन 2026-27 में 342.3 मिलियन टन रहने का अनुमान है. हालांकि यह 2025-26 के 346.6 मिलियन टन के अनुमान से थोड़ा कम है, लेकिन 2024-25 के 327.2 मिलियन टन से काफी अधिक है.
तिलहन (Oilseeds) उत्पादन में सुधार की उम्मीद जताई गई है. USDA ने 2026-27 में तिलहन उत्पादन 43 मिलियन टन रहने का अनुमान लगाया है, जबकि 2025-26 के लिए यह 41.8 मिलियन टन और 2024-25 में 42.8 मिलियन टन बताया गया है.
कपास (Cotton) उत्पादन भी बढ़कर 24 मिलियन गांठ रहने का अनुमान है. यह 2025-26 के 23.8 मिलियन गांठ के अनुमान से थोड़ा अधिक है और 2024-25 के 24 मिलियन गांठ के बराबर है.
रिपोर्ट से साफ पता चलता है कि आगामी सीजन में भारत में गेहूं, तिलहन और कपास उत्पादन में मजबूती देखने को मिल सकती है, जबकि चावल और कुल अनाज उत्पादन उच्च स्तर पर बने रहने की संभावना है. USDA ने जुलाई अनुमान में जून के मुकाबले कोई बदलाव नहीं किया है, जिससे उत्पादन संभावनाओं को लेकर एक स्थिर ट्रेंड का संकेत मिलता है.
सोयाबीन के बारे में यूएसडीए ने बताया है कि जुलाई तक भारत में 12 मिलियन हेक्टेयर में सोयाबीन की खेती होने का अनुमान है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 12.39 मिलियन हेक्टेयर रहा था. रिपोर्ट बताती है कि इस साल भारत में सोयाबीन का उत्पादन पिछले साल के मुकाबले साढ़े चार परसेंट अधिक रह सकता है.