तेलंगाना ने रचा रिकॉर्ड, 60 लाख मीट्रिक टन धान खरीद के साथ देश में नंबर-1

तेलंगाना ने रचा रिकॉर्ड, 60 लाख मीट्रिक टन धान खरीद के साथ देश में नंबर-1

तेलंगाना ने पहले ही 60 लाख मीट्रिक टन धान खरीद लिया है, जबकि आंध्र प्रदेश में लगभग 24 लाख मीट्रिक टन, तमिलनाडु में 11-12 लाख मीट्रिक टन, महाराष्ट्र में तीन लाख मीट्रिक टन और केरल में लगभग दो लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया है.

धान का मंडी भावधान का मंडी भाव
क‍िसान तक
  • Noida,
  • May 30, 2026,
  • Updated May 30, 2026, 9:43 AM IST

तेलंगाना के नागरिक आपूर्ति मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि राज्य ने रबी सीजन में धान खरीद के मामले में देशभर में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. अब तक तेलंगाना में 60 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की जा चुकी है, जो देश की कुल रबी धान खरीद का करीब 60 प्रतिशत है. उन्होंने कहा कि तेलंगाना आज देश की खाद्यान्न खरीद व्यवस्था की मजबूत कड़ी बन चुका है. नागरिक आपूर्ति मंत्री के अनुसार, रबी सीजन में देशभर में जितना धान खरीदा गया है, उसका बड़ा हिस्सा अकेले तेलंगाना से आया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि खरीद अभियान पूरा होने तक देश की कुल रबी धान खरीद में तेलंगाना की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 75 प्रतिशत तक पहुंच सकती है.

60 लाख मीट्रिक टन धान खरीद

मंत्री ने दावा किया कि तेलंगाना ने पहले ही 60 लाख मीट्रिक टन धान खरीद लिया है, जबकि आंध्र प्रदेश में लगभग 24 लाख मीट्रिक टन, तमिलनाडु में 11-12 लाख मीट्रिक टन, महाराष्ट्र में तीन लाख मीट्रिक टन और केरल में लगभग दो लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया है. उन्होंने कहा कि धान खरीद के मामले में तेलंगाना बाकी सभी राज्यों से काफी आगे है. हम सेंट्रल पूल मैकेनिज्म के तहत भारतीय खाद्य निगम (FCI) को चावल की आपूर्ति करने में भी नंबर एक राज्य हैं.

उत्तम कुमार रेड्डी ने बताया कि जहां केंद्र सरकार ने तेलंगाना से केवल 52 लाख मीट्रिक टन तक धान खरीदने पर सहमति जताई थी, वहीं राज्य पहले ही 60 लाख मीट्रिक टन का आंकड़ा पार कर चुका है. उन्होंने कहा कि तेलंगाना द्वारा की गई खरीद का पैमाना केंद्र द्वारा निर्धारित सीमा से 15 प्रतिशत अधिक है, जो हमारे किसानों द्वारा हासिल किए गए असाधारण उत्पादन स्तरों और किसानों के हितों की रक्षा के प्रति कांग्रेस सरकार की अटूट प्रतिबद्धता, दोनों को दर्शाता है.

सीधे किसानों के खातों में पहुंचे 11,050 करोड़ 

मंत्री ने बताया कि रबी 2025-26 सीजन के दौरान धान की खेती 64.36 लाख एकड़ में की गई, जिसके परिणामस्वरूप अनुमानित 141 लाख मीट्रिक टन का उत्पादन हुआ. उन्होंने कहा कि खरीद अभियान को और तेज किया जा रहा है और इसे जून के पहले सप्ताह में आने वाले दक्षिण-पश्चिम मॉनसून से पहले पूरा कर लिया जाएगा. उन्होंने आरोप लगाया कि हर साल और हर फसल सीजन में तेलंगाना में चावल का उत्पादन बढ़ रहा है. लेकिन उत्पादन में इस वृद्धि के बावजूद, FCI के माध्यम से केंद्र द्वारा स्वीकार किए जाने वाले चावल की मात्रा कम की जा रही है.

उन्होंने ने कहा कि इस मुद्दे को केंद्र के समक्ष कई बार उठाया है. उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए राज्य सरकार ने 8,575 खरीद केंद्र स्थापित किए, लगभग 13,000 परिवहन वाहन तैनात किए, और खरीद, परिवहन के साथ  लॉजिस्टिक्स कार्यों के लिए दो लाख से अधिक कर्मचारियों को जुटाया गया है. उन्होंने बताया कि 11,050 करोड़ रुपये की MSP राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा की जा चुकी है.

खरीद अभियान को बताया ऐतिहासिक

मंत्री ने कहा कि मौजूदा खरीफ विपणन सत्र (KMS) 2025-26 के दौरान-जिसमें खरीफ और रबी, दोनों फसल चक्र शामिल हैं, किसानों को किए गए भुगतान और खरीद पर आई लागत कुल मिलाकर 39,300 करोड़ रुपये से अधिक रही. हाल ही में हुई बेमौसम बारिश का ज़िक्र करते हुए रेड्डी ने कहा कि किसानों को नुकसान से बचाने के लिए सरकार ने तुरंत कदम उठाए. उन्होंने बताया कि विशेष व्यवस्थाओं के चलते बारिश में भीगी हुई 10,214 मीट्रिक टन धान को 'पारबॉइल्ड' (उबले हुए चावल) मिलों तक पहुंचाया जा सका, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि प्रभावित किसानों को बिना किसी परेशानी के MSP का भुगतान मिल सके.

कृषि मंत्री तुम्माला नागेश्वर राव और परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने धान खरीद के मुद्दे पर BJP और BRS नेताओं द्वारा चलाए जा रहे कथित "राजनीति से प्रेरित अभियान" की कड़ी आलोचना की, हालांकि उन्होंने इस बारे में और ज़्यादा विस्तार से कुछ नहीं कहा. उन्होंने कहा कि खरीद का यह मौजूदा अभियान "तेलंगाना के इतिहास में अपने पैमाने और क्रियान्वयन, दोनों ही लिहाज़ से बेमिसाल है. (PTI)

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