इन तीन मसालों को मिला 'इंटरनेशनल सर्टिफिकेट', दुनिया के कई देशों में बढ़ेगा निर्यात

इन तीन मसालों को मिला 'इंटरनेशनल सर्टिफिकेट', दुनिया के कई देशों में बढ़ेगा निर्यात

भारतीय मसालों के लिए बड़ी खुशखबरी है. बड़ी इलायची, धनिया और वैनिला को अंतरराष्ट्रीय क्वालिटी मानक मिलने के बाद अब इन मसालों का दुनिया के कई देशों में निर्यात पहले से ज्यादा आसान होगा. इससे भारतीय किसानों और निर्यातकों को नए बाजार मिलने की उम्मीद है.

तीन मसालों को मिला 'इंटरनेशनल सर्टिफिकेट'तीन मसालों को मिला 'इंटरनेशनल सर्टिफिकेट'
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jul 17, 2026,
  • Updated Jul 17, 2026, 12:41 PM IST

भारत के मसालों की खुशबू अब दुनिया के बाजारों में और तेजी से फैलने वाली है. अब तक बड़ी इलायची, धनिया और वैनिला के निर्यात में अलग-अलग देशों के क्वालिटी मानकों के कारण कई तरह की दिक्कतें आती थीं. लेकिन अब इन तीनों मसालों को कोडेक्स एलिमेंटेरियस कमीशन (Codex) के अंतरराष्ट्रीय क्वालिटी मानक मिल गए हैं. इससे इन मसालों के निर्यात का रास्ता पहले से ज्यादा आसान होगा, विदेशी बाजारों में भारतीय मसालों की मांग बढ़ेगी और किसानों के साथ-साथ व्यापारियों को भी बेहतर दाम और नए बाजार मिलेंगे.

भारत की कोडेक्स में बड़ी कामयाबी

दरअसल, स्विट्जरलैंड के जिनेवा में 6 से 10 जुलाई 2026 तक आयोजित कोडेक्स एलिमेन्टेरियस कमीशन (CAC) के 49वें सत्र में बड़ी इलायची, धनिया और वैनिला के लिए अंतरराष्ट्रीय क्वालिटी मानकों (कोडेक्स स्टैंडर्ड) को मंजूरी दी गई है. कोडेक्स एलिमेन्टेरियस कमीशन संयुक्त राष्ट्र की दो प्रमुख संस्थाओं खाद्य और कृषि संगठन (FAO) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा बनाया गया एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है. इसका काम दुनिया भर में खाद्य पदार्थों की क्वालिटी और सुरक्षा के लिए वैज्ञानिक आधार पर स्टैंडर्ड तय करना है, ताकि ग्राहकों को सुरक्षित खाद्य सामग्री मिले और देशों के बीच खाद्य व्यापार आसान बन सके.

कोडेक्स की मंजूरी से निर्यात का रास्ता हुआ आसान

इस बार भारत के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि बड़ी इलायची, धनिया और वैनिला के लिए तैयार किए गए अंतरराष्ट्रीय क्वालिटी मानकों को आधिकारिक मंजूरी मिल गई. इन मानकों को पिछले साल अक्टूबर 2025 में गुवाहाटी में आयोजित कोडेक्स कमेटी ऑन स्पाइसेस एंड कलिनरी हर्ब्स (CCSCH) की बैठक में अंतिम रूप दिया गया था. इन मानकों को अंतिम मंजूरी मिलने से पहले खाद्य क्वालिटी जांच, खाद्य एडिटिव्स और फूड लेबलिंग से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय समितियों ने भी इन्हें हरी झंडी दे दी, जिसके बाद अब इन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की अनुमति मिल गई है.

किसानों और निर्यातकों को मिलेगा फायदा

बता दें कि भारत पहले से ही बड़ी इलायची और धनिया का दुनिया के सबसे बड़े उत्पादकों और निर्यातकों में शामिल है. खासतौर पर बड़ी इलायची भारत के उत्तर-पूर्वी हिमालयी क्षेत्र की प्रमुख फसल है. ऐसे में इन मसालों के लिए अंतरराष्ट्रीय क्वालिटी मानक तय होने से भारतीय किसानों और निर्यातकों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है. इससे विदेशी बाजारों में भारतीय मसालों की डिमांड बढ़ेगी और निर्यात के दौरान आने वाली कई दिक्कतें भी कम होंगी. वहीं, भारत फिलहाल अपनी जरूरत का काफी वैनिला आयात करता है, लेकिन वैनिला के लिए भी अंतरराष्ट्रीय क्वालिटी मानक तय होने से भविष्य में इसके व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और वैश्विक बाजार में क्वालिटी को लेकर भरोसा मजबूत होगा.

विशेषज्ञों का मानना है कि इन नए अंतरराष्ट्रीय मानकों से भारतीय मसालों की क्वालिटी पर दुनिया का भरोसा और मजबूत होगा. इससे किसानों को बेहतर बाजार मिल सकता है, निर्यात बढ़ेगा, व्यापार आसान होगा. ऐसे में यह उपलब्धि भारतीय मसाला उद्योग, किसानों और निर्यातकों के लिए लंबे समय में काफी फायदेमंद साबित हो सकती है. 

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