पंजाब में धान सीजन से पहले बड़ा ऐलान, 1 मई से नहरों में इतने हजार क्यूसेक पानी छोड़ेगी सरकार

पंजाब में धान सीजन से पहले बड़ा ऐलान, 1 मई से नहरों में इतने हजार क्यूसेक पानी छोड़ेगी सरकार

पंजाब के किसानों के लिए एक राहत भरी खबर है. दरअसल, पंजाब के सीएम भगवंत मान ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि धान की खेती के लिए 1 मई से राज्यभर में नहरों के जरिए सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा.

धान की खेतीधान की खेती
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Apr 30, 2026,
  • Updated Apr 30, 2026, 12:27 PM IST

धान की खेती से ठीक पहले पंजाब के किसानों के लिए एक राहत भरी खबर है. दरअसल, पंजाब के सीएम भगवंत मान ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि 1 मई से राज्यभर में नहरों के जरिए सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा. करीब 21,000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से न सिर्फ धान की फसल के लिए समय पर सिंचाई सुनिश्चित होगी, बल्कि मालवा क्षेत्र में कपास, मक्का, बागवानी और चारे जैसी फसलों को भी बड़ा फायदा मिलेगा. इसके साथ ही यह कदम भूजल स्तर सुधारने में भी अहम भूमिका निभाएगा, जिससे किसानों को लंबे समय तक फायदा मिलने की उम्मीद है.

किसानों को पर्याप्त समय पर मिलेगा पानी

मीडिया से बात करते हुए सीएम भगवंत मान ने बताया कि सरकार ने सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए करीब 6,700 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. इस पैसे से पूरे राज्य में करीब 14,000 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन और जलमार्ग बिछाए गए हैं. उन्होंने कहा कि इस सीजन में 14,000 किलोमीटर नई पाइपलाइन और 4,000 किलोमीटर नई नहरें तैयार की गई हैं. इसी वजह से 1 मई से नहरों में भरपूर पानी छोड़ा जा सकेगा. सीएम मान के मुताबिक, धान की खेती के मौसम से पहले ही 4,000 किलोमीटर नए जलमार्ग और 3,000 किलोमीटर पाइपलाइन चालू कर दी जाएंगी, ताकि किसानों को समय पर और पर्याप्त पानी मिल सके.

21,000 क्यूसेक पानी छोड़ेगी सरकार

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि नई पाइपलाइन और नहरों की जांच करने और किसी भी कमी को ठीक करने के लिए इनमें करीब 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा. उन्होंने कहा कि यह पानी बहुत बड़ी मात्रा में है, लगभग दो भाखड़ा नहरों जितना. यानी किसानों को भरपूर पानी मिलेगा और सिंचाई की दिक्कत काफी हद तक कम हो जाएगी. सीएम मान ने आगे बताया कि इसका सबसे ज्यादा फायदा मालवा क्षेत्र के किसानों को होगा. इससे वे अपने बागों की देखभाल कर सकेंगे और कपास, मक्का, चारा जैसी फसलें बोने के साथ-साथ धान की खेती के लिए खेत भी आसानी से तैयार कर पाएंगे.

बागवानी करने वाले किसानों को मिलेगी राहत

लंबे समय का फायदे बताते हुए सीएम मान ने कहा कि नहरों का यह पानी सिर्फ अभी की खेती के लिए नहीं, बल्कि भविष्य के लिए भी बहुत काम का है. अलग-अलग रिचार्ज योजनाओं के जरिए यह पानी जमीन के नीचे जमा होगा, जिससे आने वाली पीढ़ियों को फायदा मिलेगा. खासकर फाजिल्का और अबोहर के बागवानी करने वाले किसानों को राहत मिलेगी, क्योंकि उन्हें अब ट्यूबवेल पर कम निर्भर रहना पड़ेगा.

उन्होंने बताया कि नहरों और नदियों में खास रिचार्ज पॉइंट बनाए गए हैं, जिनकी वजह से भूजल स्तर 2 से 4 मीटर तक ऊपर आया है. उनका कहना था कि यह कदम पंजाब के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि इस राज्य की पहचान ही पानी से है. सीएम मान ने यह भी कहा कि यह बड़ी उपलब्धि है कि राज्य सरकार की कोशिशों से पिछले एक साल में करीब 21 लाख क्यूबिक मीटर पानी जमीन में रिचार्ज किया गया है.

इस बार कई चरणों में होगी धान की खेती

फसल की योजना को बात करते हुए CM मान ने कहा कि अक्टूबर में ज्यादा नमी होने की वजह से किसानों को धान बेचने में परेशानी होती है. इसी से बचाने के लिए सरकार ने फैसला किया है कि इस बार धान की खेती 1 जून से शुरू कर दी जाएगी, ताकि फसल सही समय पर तैयार हो सके. उन्होंने बताया कि इस बार धान की खेती पूरे राज्य में एक साथ नहीं, बल्कि ज़ोन के हिसाब से चरणों में कराई जाएगी, ताकि पानी और संसाधनों का सही इस्तेमाल हो सके.

शेड्यूल के मुताबिक, 15 मई से सभी जिलों में “डायरेक्ट सीडिंग ऑफ राइस (DSR)” शुरू हो जाएगी, जिसमें किसानों को लगातार 8 घंटे बिजली दी जाएगी. इसके बाद 1 जून से गुरदासपुर, पठानकोट, अमृतसर, तरनतारन, रोपड़, मोहाली (SAS नगर), फतेहगढ़ साहिब और होशियारपुर में धान की खेती शुरू होगी. इसके अलावा 5 जून से फरीदकोट, बठिंडा, फिरोजपुर, मुक्तसर और फाजिल्का में खेती शुरू होगी, और 9 जून से लुधियाना, मलेरकोटला, मानसा, मोगा, पटियाला, संगरूर, बरनाला, कपूरथला, जालंधर और शहीद भगत सिंह नगर में धान की रोपाई शुरू हो जाएगी. (PTI)

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