कृषि मंत्री का बड़ा ऐलान, अब पट्टे पर खेती करने वाले किसानों की भी होगी गेहूं की खरीद

कृषि मंत्री का बड़ा ऐलान, अब पट्टे पर खेती करने वाले किसानों की भी होगी गेहूं की खरीद

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि शुरुआत में स्लॉट बुकिंग को लेकर किसानों को परेशानी हो रही थी, लेकिन अब इस समस्या का समाधान कर लिया गया है. सिस्टम को तेज किया गया है और अधिकांश किसानों के स्लॉट बुक हो चुके हैं.

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कृषि मंत्री का बड़ा ऐलान, अब पट्टे पर खेती करने वाले किसानों की भी होगी गेहूं की खरीदशिवराज सिंह चौहान

मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी को लेकर सरकार ने अपनी तैयारियों को और तेज कर दिया है. किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो और उनकी उपज का समय पर उठाव हो सके, इसके लिए लगातार समीक्षा बैठकें की जा रही हैं. इसी कड़ी में केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को विदिशा में हालात का जायजा लेते हुए भरोसा दिलाया कि प्रदेश के हर किसान से गेहूं की खरीदी सुनिश्चित की जाएगी, और पूरी प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाया जा रहा है.

स्लॉट बुकिंग समस्या का हो रहा समाधान

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि शुरुआत में स्लॉट बुकिंग को लेकर किसानों को परेशानी हो रही थी, लेकिन अब इस समस्या का समाधान कर लिया गया है. सिस्टम को तेज किया गया है और अधिकांश किसानों के स्लॉट बुक हो चुके हैं. उन्होंने किसानों से अपील की कि स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया 23 मई तक जारी रहेगी, हालांकि अगले कुछ दिनों में ही सभी किसानों के स्लॉट बुक होने की संभावना है.

पट्टे पर खेती करने वालों की भी खरीदी जाएगी गेहूं

लीज यानी पट्टे पर खेती करने वाले किसानों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है. कृषि मंत्री ने कहा कि ऐसे किसानों को भी किसी तरह की परेशानी नहीं होगी. जमीन के मालिक द्वारा पुष्टि किए जाने पर लीज पर खेती करने वाले किसानों की उपज भी खरीदी जा रही है. इसके अलावा, सत्यापन से जुड़ी समस्याओं को भी दूर कर दिया गया है. यदि किसी किसान को अब भी दिक्कत होती है, तो कलेक्ट्रेट में बनाए गए कंट्रोल रूम के माध्यम से उनकी समस्या का तुरंत समाधान किया जाएगा.

पर्याप्त मात्रा में बारदाने हैं उपलब्ध

बारदानों की कमी को लेकर भी स्थिति अब सामान्य हो गई है. कृषि मंत्री के अनुसार, पर्याप्त मात्रा में बारदाने उपलब्ध हैं और उनकी आपूर्ति लगातार जारी है. जरूरत पड़ने पर पुराने बारदानों का उपयोग भी किया जा रहा है या उन्हें नए बारदानों से बदला जा रहा है. उन्होंने कहा कि तौल कांटों की कमी को दूर करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं. पहले जहां एक केंद्र पर 1000 क्विंटल तक खरीदी की सीमा थी, उसे बढ़ाकर 2250 क्विंटल कर दिया गया है. साथ ही जरूरत के अनुसार तौल कांटों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है, ताकि खरीदी प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके.

विदिशा जिले में इतने किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन

आंकड़ों की बात करें तो विदिशा जिले में 87,913 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 72,027 किसानों के स्लॉट बुक हो चुके हैं. अब तक 36,442 किसानों से 1,99,563 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है. वहीं, रायसेन जिले में 77,117 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जिनमें से 68,639 के स्लॉट बुक हुए और 32,374 किसानों से 1,80,199 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है. ऐसे में सरकार का फोकस गेहूं खरीदी प्रक्रिया को सरल, तेज और पारदर्शी बनाने पर है, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिल सके. 

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