
तमिलनाडु के मदुरै जिले के शोलावंदन में ओलावृष्टि की वजह से धान की फसल खराब हो गई है. दरअसल, फसल कटाई से कुछ दिन पहले ही बर्बाद हो गई है, जिससे किसान आर्थिक परेशानी में आ गए हैं. किसानों का कहना है कि पहले कम बारिश की वजह से उन्हें नुकसान हुआ था. इसके बाद दूसरी फसल में हालात सुधरने की उम्मीद थी, लेकिन बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में पानी भर गया और फसल को नुकसान हुआ. कई किसानों ने पहली फसल के नुकसान के बाद दूसरी फसल में ज्यादा पैसा लगाया था, लेकिन अब यह फसल भी खराब होने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं.
शोलावंदन के किसान मुरुगेसन ने बताया कि उनके इलाके में खेती ही लोगों की कमाई का एकमात्र जरिया है. उन्होंने कहा कि वे पूरी तरह खेती पर निर्भर हैं. पहले फसल के समय उन्होंने अच्छी बारिश की उम्मीद में खेती की थी, लेकिन बारिश कम होने की वजह से फसल खराब हो गई और उन्हें नुकसान उठाना पड़ा.
उन्होंने आगे बताया कि किसानों ने खेती जारी रखने के लिए बड़ा आर्थिक जोखिम उठाया था. मुरुगेसन ने कहा कि दूसरी फसल के लिए उन्होंने अपने गहने और संपत्ति गिरवी रखकर पैसे लगाए. फसल अच्छी तरह तैयार हो गई थी और कटाई में सिर्फ एक-दो हफ्ते बाकी थे. तभी अचानक भारी ओलावृष्टि हुई, जिससे खेतों में पानी भर गया और पूरी धान की फसल बर्बाद हो गई.
आर्थिक परेशानी बताते हुए मुरुगेसन ने कहा कि उन्होंने अपने गहनों समेत सब कुछ गिरवी रख दिया है. अब वे न तो कर्ज चुका पा रहे हैं और न ही इस नुकसान से उबर पा रहे हैं. उनकी हालत ऐसी है कि वे फसल कटाई के लिए मजदूरों को भी पैसे नहीं दे सकते. ऐसे में उन्होंने सरकार से मदद की अपील करते हुए कहा कि अगर समय पर सहायता मिलती है, तो वे फिर से खेती शुरू कर पाएंगे और अपनी रोजी-रोटी बचा सकेंगे.
उन्होंने यह भी कहा कि उनके जैसे कई किसान इसी तरह की मुश्किलों का सामना कर रहे हैं. किसानों का कहना है कि आम तौर पर वे एक एकड़ में करीब 40 बोरी धान की उपज की उम्मीद करते हैं, लेकिन इस बार भारी नुकसान के कारण उन्हें अपने रोजमर्रा के खर्च चलाने में भी दिक्कत हो सकती है. (ANI)