
महाराष्ट्र के जालना जिले की अंबड तहसील के वडीगोद्री गांव में बिजली की जर्जर तार टूटने से गन्ने की फसल में आग लग गई. देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि करीब दो एकड़ गन्ने की फसल पूरी तरह जलकर खाक हो गई. इस घटना में किसान को करीब दो लाख रुपये का नुकसान होने की बात सामने आई है. जानकारी के मुताबिक, वडीगोद्री गांव के गट नंबर 10 में किसान बापूराव दादाराव काले और उनके भाई की करीब सात एकड़ जमीन में गन्ने की फसल खड़ी थी. खेत के पास से महावितरण की बिजली की लाइन गुजर रही है. बताया जा रहा है कि इसी लाइन की एक जर्जर बिजली की तार अचानक टूटकर नीचे गिर गई. तार टूटने के बाद निकली चिंगारी से खेत में खड़ी गन्ने की फसल में आग लग गई.
शुरुआत में आग का दायरा छोटा था, लेकिन खेत में गन्ने की सूखी पत्तियां और तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलने लगी. वहीं, कुछ ही समय में आग ने विकराल रूप ले लिया. खेत से उठता धुआं और आग की लपटें देखकर आसपास के किसान और स्थानीय नागरिक मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश शुरू की, लेकिन तेज हवा के कारण आग लगातार फैल रही थी. स्थिति बिगड़ती देख फायर ब्रिगेड विभाग को सूचना दी गई. इसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंचा. स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने का काम शुरू किया गया. काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका.
गनीमत रही कि समय रहते आग को बुझा लिया गया, जिससे खेत में मौजूद बाकी गन्ने की फसल को बचा लिया गया. हालांकि, तब तक करीब दो एकड़ गन्ने की फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी थी. किसान बापूराव काले के अनुसार, इस आगजनी से उन्हें करीब दो लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है. जिससे वो काफी परेशान हैं.
घटना के बाद स्थानीय किसानों ने महावितरण से बिजली की जर्जर तारों और लाइनों की नियमित जांच और मरम्मत कराने की मांग की है. किसानों का कहना है कि समय पर बिजली की लाइनों का रखरखाव किया जाए तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है. वहीं, किसान बापूराव काले ने प्रशासन से फसल नुकसान का पंचनामा कराकर उचित आर्थिक सहायता देने की मांग की है.