सारण में दो जगह नदियों का बांध टूटा, कई गांवों में घुसा पानी, खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका

सारण में दो जगह नदियों का बांध टूटा, कई गांवों में घुसा पानी, खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका

सारण जिले के मांझी और दरियापुर प्रखंड में पानी के दबाव के कारण माही और दाहा नदी के बांध टूट गए हैं. बांध टूटने से कई गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया है और खेतों में खड़ी फसलों पर नुकसान का खतरा बढ़ गया है.

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सारण में दो जगह नदियों का बांध टूटा, कई गांवों में घुसा पानी, खड़ी फसलों को नुकसान की आशंकाकई गांवों में घुसा नदी का पानी

सारण जिले में सरयू, गंगा और सोन नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच सहायक नदियों पर बने बांधों पर दबाव बढ़ गया है. रविवार को जिले के मांझी और दरियापुर प्रखंड में अलग-अलग जगहों पर बांध टूटने से कई गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया. इससे ग्रामीणों के आवागमन और खेती-बाडी पर असर पड़ा है. दरियापुर प्रखंड के घोरहू कोठिया क्षेत्र में रविवार सुबह पानी के तेज दबाव के कारण माही नदी पर बना बांध करीब 20 फीट की लंबाई में टूट गया. बांध टूटते ही पानी तेजी से आसपास के इलाकों में फैलने लगा. घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और बाढ़ नियंत्रण विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और कटाव रोकने के लिए काम शुरू कराया गया.

कई गांवों में पहुंचा बाढ़ का पानी

बांध टूटने से मोहन कोठिया, घोरहो कोठिया, मुजौना, धर्मागत, जैतीपुर और रामपुर समेत आसपास के कई गांव प्रभावित हुए हैं. खेतों में पानी भरने से खड़ी फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ गया है. ग्रामीणों को आवागमन के साथ रोजमर्रा के कामकाज में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

बांध टूटने की सूचना के बाद सारण जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और एसएसपी रौशन कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची. सोनपुर एसडीएम, दरियापुर बीडीओ, सीओ और बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने भी स्थिति का जायजा लिया. प्रशासनिक मशीनरी ने कटाव निरोधी कार्य शुरू कराते हुए प्रभावित इलाके में हालात पर नजर रखनी शुरू कर दी.

उप मुख्यमंत्री ने किया निरीक्षण

दरियापुर में टूटे बांध और चल रहे कटाव निरोधी कार्य का निरीक्षण करने उप मुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी ली और राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और जरूरत के अनुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.

उप मुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द बचाव और राहत कार्य शुरू कराया जाएगा. जरूरत पड़ने पर सामुदायिक किचन भी शुरू किया जाएगा, ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन की परेशानी न हो. उन्होंने कहा कि आपदा से प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा भी दिया जाएगा.

मांझी में भी दाहा नदी का बांध टूटा

इधर, मांझी प्रखंड के इमादपुर बिनाटोला में भी रविवार सुबह दाहा नदी का बांध टूटने की सूचना मिली. बांध टूटने के बाद सरयू नदी का पानी दाहा नदी के रास्ते आसपास की पंचायतों और गांवों की ओर तेजी से फैल रहा है. स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन और जल संसाधन विभाग से तत्काल बांध की मरम्मत कराने की मांग की है.

दाहा नदी में पानी की तेज धारा के कारण बांध की मरम्मत में मुश्किलें आ रही हैं. ग्रामीणों को आशंका है कि अगर कटाव पर जल्द नियंत्रण नहीं पाया गया तो आसपास के इलाकों में बाढ़ का असर और बढ़ सकता है. खेतों में पानी भरने से फसल नुकसान का खतरा भी बना हुआ है.

डीएम बोले- ग्रामीणों की सुरक्षा प्राथमिकता

वहीं, सारण जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि तटबंध टूटने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम को मौके पर भेज दिया गया था. कटाव को रोकने के लिए तत्काल जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और इसके लिए संसाधन लगाए गए हैं. उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और अधिकारियों को गांवों में जाकर हालात का आकलन करने तथा जरूरत के मुताबिक राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.

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