भारत में इलायची का इस्तेमाल लगभग सभी जगहों पर किया जाता है. मसाले से लेकर मेवों तक में यह नाम शामिल है. अक्सर हम छोटी इलायची के बारे में सुनते या उपयोग करते आए हैं. लेकिन, आज हम बात करेंगे बड़ी इलायची के बारे में जिसका इस्तेमाल मसाले के तौर पर खूब किया जाता है. बड़ी इलायची को काली इलायची और भूरी इलायची के नाम से भी जाना जाता है. बड़ी इलायची को मसालों की रानी कहा जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि इसका स्वाद सबसे अलग और कड़क होता है. इसीलिए इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से मसालों में किया जाता है. ऐसे में बड़ी इलायची कैसे उगाई जाती है आइये जानते हैं.
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इलायची एक औषधीय पौधा है. जिसे दुनिया भर में कई अलग-अलग नामों से जाना जाता है. इसके अलावा इसका इस्तेमाल मिठाइयों में तेज खुशबू के लिए किया जाता है. बड़ी इलायची की खेती अगर सही तरीके से की जाए तो इससे किसानों को अच्छा मुनाफा मिल सकता है. इसकी खेती भारत में अभी तक बड़े पैमाने पर नहीं की जाती है. जिस वजह से किसानों को इसकी खेती करने का सही और उन्नत तरीका मालूम नहीं है. ऐसे में कई किसान जानकारी के अभाव में आकार खेती करना छोड़ देते हैं.
इलायची की खेती के लिए काली गहरी दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है. ऐसे में बड़ी इलायची की खेती के लिए दोमट मिट्टी का उपयोग करें. साथ ही ध्यान रहे की मिट्टी में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश की कमी ना हो. यह फसल की अच्छी पैदावार में मददगार है. इसकी खेती के लिए मिट्टी का पीएच मान 4.5 से 7.2 के बीच होना चाहिए. जलवायु की बात करें तो उष्णकटिबंधीय गर्म जलवायु इलायची की खेती के लिए सबसे अच्छी मानी जाती है. बड़ी इलायची की खेती के लिए 10 डिग्री से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच का तापमान सही होता है.
बड़ी इलायची के पौधे किसान भाई जुलाई या अगस्त के महीने में लगा सकते. पौधे की रोपाई के लिए 30 सेंटीमीटर लंबा, चौड़ा और गहरा गट्ठा खोद लें. इसके बाद मिट्ठी में खाद और गोबर को अच्छे से मिलाकर पौधों की रोपाई कर दें. एक हेक्टेयर में आप कम से कम 400 पौधे लगा सकते हैं. वहीं एक हेक्टेयर खेत से 500 से 700 किलोग्राम की उपज प्राप्त की जा सकती है.
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