अक्सर आवारा पशुओं से फसलों को खतरे की समस्या किसानों के सामने आती रहती है. इस समस्या के चलते किसानों को दिन-रात फसल की रखवाली के लिए खेतों में तैनात रहना पड़ता है. कड़ाके की इस सर्दी के मौसम में यह समस्या और भी बढ़ जाती है. हाल ही में आपने एक रिपोर्ट देखी होगी जिसमें कैमूर मेंं हिरणों के आतंक के चलते किसान परेशान थे. इस वीडियो में देखिए बिहार के पहले काला हिरण रेस्क्यू सेंटर की कहानी. इसके निर्माण पर विभाग ने लगभग डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक की रकम खर्च की है. कैमूर वन प्रमंडल के मोहनिया रेंज (Mohania Range) में ये काला हिरण रेस्क्यू सेंटर (First Black Deer Rescue Center) खोला गया है. यह राज्य का पहला काला हिरण रेस्क्यू सेंटर है. यहां न केवल काला हिरण के बचाव, चिकित्सा, संरक्षण किए जाते हैं बल्कि लोगों को वन्य प्राणियों के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रशिक्षित भी किया जाता है. लोग इस संस्थान से जागरूक होकर वन्यजीवों के प्रति संरक्षण की भावना रखेंगे. यह स्थल कर्मनाशा नदी (Karmnasa River) के किनारे है.
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