
बिहार के भोजपुर जिले में गंगा और सोन नदी के बढ़ते जलस्तर ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. बाढ़ का पानी खेतों में घुसने से फसलें और हरी सब्जियां डूब रही हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान का डर है. कई इलाकों में खेत पूरी तरह पानी में डूब गए हैं और ग्रामीणों की रोजी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है. इसी बीच, कोईलवर में सोन नदी खतरे के निशान से 68 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है, जबकि गंगा भी लाल निशान से करीब एक मीटर ऊपर बह रही है. बढ़ते जलस्तर से तटीय और दियारा इलाकों में बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ रहा है.
नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ बड़हरा और शाहपुर इलाके में कटाव भी तेज हो गया है. नदी की तेज धार कई जगहों पर जमीन को काट रही है. इससे नदी किनारे रहने वाले लोगों के सामने अपने घर और जमीन को बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है. वहीं, एक दर्जन से ज्यादा ग्रामीण सड़कें और मुख्य रास्ते पानी में डूब गए हैं. इसके कारण कई गांवों का दूसरे इलाकों से संपर्क प्रभावित हुआ है.
बाढ़ का असर किसानों पर भी पड़ रहा है. खेतों में पानी भर जाने से धान समेत कई फसलों और हरी सब्जियों को नुकसान पहुंच रहा है. कई किसानों की महीनों की मेहनत पानी में डूब गई है. ग्रामीणों का कहना है कि फसल बर्बाद होने के बाद अब उनके सामने खाने-पीने की समस्या भी खड़ी हो रही है. पानी बढ़ने के कारण कई परिवार अपने मवेशियों को लेकर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने को मजबूर हैं.
बाढ़ से घिरे गांवों में रहने वाले लोगों के सामने राशन और पशुओं के चारे की समस्या भी बढ़ती जा रही है. कई घरों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है, जिससे लोगों को खाना बनाने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में परेशानी हो रही है. ग्रामीणों का कहना है कि समय पर पर्याप्त राशन और चारा नहीं मिलने से मुश्किल और बढ़ रही है.
बाढ़ प्रभावित लोगों की सबसे बड़ी शिकायत नावों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने को लेकर है. कई इलाकों में पानी भर जाने के कारण लोगों के आने-जाने का मुख्य साधन नाव ही रह गया है. ग्रामीणों का आरोप है कि पर्याप्त नाव और राहत-बचाव की व्यवस्था नहीं होने से उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही है. कई लोग अपनी जान जोखिम में डालकर बाढ़ के पानी को पार करने को मजबूर हैं.
अगर गंगा और सोन नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दो-तीन दिनों में भोजपुर की कई और पंचायतों में बाढ़ का संकट बढ़ सकता है. नदी किनारे रहने वाले लोगों में डर का माहौल है. प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से सावधानी बरतने तथा सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है.
बीजेपी विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बाढ़ प्रभावित लोगों से घबराने के बजाय धैर्य रखने की अपील की है. उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार लोगों तक प्रशासनिक मदद पहुंचाई जाएगी. उन्होंने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं.
बाढ़ के बीच स्वास्थ्य विभाग ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. स्वास्थ्य पदाधिकारी के अनुसार, बाढ़ से घिरे ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सेवाएं और जरूरी दवाइयां पहुंचाने के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं. इन टीमों के जरिए प्रभावित इलाकों में लोगों के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है और जरूरत पड़ने पर दवाइयां उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है. भोजपुर में गंगा और सोन के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन के साथ-साथ ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ा दी है. अब लोगों को राहत सामग्री, नाव और पशुओं के चारे की जल्द व्यवस्था का इंतजार है. आने वाले दिनों में नदियों का जलस्तर किस दिशा में जाता है, यह बाढ़ की स्थिति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा. (सोनू कुमार सिंह का इनपुट)
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