
Andhra Pradesh Crop Loss: आंध्र प्रदेश में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने रबी सीजन के बीच किसानों की चिंता बढ़ा दी है. हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि किसानों तक समय पर मौसम की जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि फसल नुकसान को कम किया जा सके. राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हुई बारिश का असर अब सामने आने लगा है. शुरुआती आकलन के मुताबिक, छह जिलों के 16 मंडलों के 89 गांवों में करीब 1200 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र प्रभावित हुआ है. इस नुकसान की चपेट में 2000 से अधिक किसान आए हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में चिंता का माहौल है.
बारिश और ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा असर मुख्य फसलों पर पड़ा है. धान की फसल लगभग 384 हेक्टेयर में प्रभावित हुई है, जबकि मक्का 630 हेक्टेयर और उड़द करीब 200 हेक्टेयर क्षेत्र में नुकसान झेल रही है. यह नुकसान ऐसे समय पर हुआ है जब कई जगहों पर कटाई की तैयारी चल रही थी.
केवल अनाज ही नहीं, बल्कि बागवानी फसलें भी इस मौसम की मार से अछूती नहीं रहीं. अनंतपुर, श्री सत्यसाईं और एनटीआर जिलों में केले, पपीते, आम और संतरे जैसी फसलें प्रभावित हुई हैं. करीब 267 हेक्टेयर क्षेत्र में 300 से ज्यादा किसानों को नुकसान हुआ है.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि फसल नुकसान का विस्तृत और सटीक आंकड़ा तैयार किया जाए, ताकि आगे राहत और मुआवजे की प्रक्रिया में देरी न हो. साथ ही यह भी कहा गया है कि किसानों तक मौसम अपडेट नियमित रूप से पहुंचाए जाएं.
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में कुछ जिलों में फिर से तेज आंधी, बिजली और बारिश देखने को मिल सकती है. खासकर प्रकाशम जिले में मध्यम से भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा पर्वतीपुरम मान्यम और विजयनगरम जिलों में भी इसी तरह का मौसम रहने की संभावना जताई गई है.
ऐसे हालात में किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम अपडेट पर नजर रखें, कटाई के लिए तैयार फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें और खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें. समय रहते सावधानी बरतने से नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है. (पीटीआई)