
हरियाणा के करनाल जिले में कृषि विभाग ने पुलिस के साथ मिलकर बड़ी कार्रवाई की है. इस दौरान किसानों और धान की पौध बेचने वालों द्वारा समय से पहले लगाई गई धान की पौध को नष्ट किया गया. दरअसल, नियमों के अनुसार 15 मई से पहले कोई भी किसान धान की पौध नहीं लगा सकता. बावजूद इसके कुछ जगहों पर पहले ही पौध तैयार कर दी गई थी. इसी को लेकर कृषि विभाग ने कार्रवाई करते हुए कई खेतों में लगी धान की पौध को ट्रैक्टर और अन्य तरीकों से नष्ट कराया. विभाग का कहना है कि यह कदम पानी की बचत और भूजल स्तर को सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है.
कृषि विभाग का कहना है कि करनाल इलाके में भूजल स्तर काफी नीचे जा चुका है. ऐसे में समय से पहले धान लगाने से पानी की खपत बहुत ज्यादा होती है. इसी वजह से विभाग ने कई खेतों में कार्रवाई करते हुए धान की पौध नष्ट की. करनाल के संगोहा गांव के आसपास 7 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में लगी धान की पौध को ट्रैक्टर और स्प्रे के जरिए खत्म किया गया.
मौके पर पहुंचे कृषि विभाग के अधिकारी ने बताया कि वे करनाल के सगोहा गांव में कार्रवाई के लिए पहुंचे हैं. उन्होंने कहा कि “सब-सॉयल वॉटर एक्ट 2009” और कोर्ट के आदेश के अनुसार कोई भी किसान 15 मई से पहले धान की पौध तैयार नहीं कर सकता और 15 जून से पहले खेतों में धान की रोपाई भी नहीं कर सकता.
अधिकारी ने बताया कि करनाल में भूजल स्तर पहले ही काफी नीचे जा चुका है और धान की फसल में बहुत ज्यादा पानी की जरूरत होती है. इसी वजह से सरकार किसानों को लगातार जागरूक कर रही है कि वे तय समय से पहले धान की खेती न करें. उन्होंने कहा कि कृषि विभाग समय-समय पर किसानों को समझाता और जागरूक करता है, ताकि पानी बचाया जा सके और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संरक्षण किया जा सके. लेकिन इसके बावजूद कुछ किसान नियमों का पालन नहीं करते.
कृषि अधिकारी ने कहा कि कुछ किसान अपने लाभ के लिए समय से पहले अगेती धान लगा देते हैं और धान की पौध तैयार कर बेच देते हैं. उन्होंने कहा ये कानून का उल्लंघन है, उन्होंने कहा हमारे कृषि उप निदेशक डॉ वजीर सिंह के निर्देश के बाद ये कार्यवाही की गई है. उन्होंने कहा कि किसानों को भी यहां से मेसिज देना चाहते हैं, जो किसान इस तरह से समय से पहले धान की पौध तैयार करते हैं वो बिल्कुल भी ऐसा ना करें.