
महाराष्ट्र के लातूर में रबी सीजन के दौरान हरे चारे की उपलब्धता बढ़ाने के लिए विशेष योजना शुरू की गई है. इसके तहत किसानों को चारा उत्पादन के लिए प्रति एकड़ 1,21,815 रुपये तक की सरकारी सहायता मिलेगी. खास बात यह है कि योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास खुद के पशु होना जरूरी नहीं है. सिंचाई की सुविधा वाले किसान 1 नवंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.
महाराष्ट्र के लातूर जिले में सूखे की आशंका के बीच पशुओं के लिए हरे चारे की उपलब्धता बढ़ाने की पहल की गई है. जिला प्रशासन के मुताबिक, रबी सीजन में चारा उगाने वाले किसानों को इस योजना के तहत आर्थिक सहायता दी जाएगी. नवंबर, दिसंबर और जनवरी में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होने की शर्त पूरी करने वाले किसान इसमें भाग ले सकते हैं.
जिला प्रशासन के अनुसार, प्रति एकड़ अधिकतम 1,21,815 रुपये की सहायता तय की गई है. इसमें 84,956 रुपये मजदूरी और 36,859 रुपये बीज, उर्वरक और अन्य कृषि सामग्री के लिए शामिल हैं. खेत तैयार करने, बुवाई, खाद डालने, सिंचाई, निराई और कटाई से जुड़े कार्यों का खर्च इस सहायता के दायरे में आएगा.
योजना के तहत महाराष्ट्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रम 'महाबीज' की ओर से किसानों को 'स्पीडफीड' किस्म के ज्वार के बीज मुफ्त दिए जाएंगे. इसके लिए जिला वार्षिक योजना के तहत व्यवस्था की गई है. प्रशासन के अनुसार, किसानों को खेती और कटाई के लिए भी सहायता मिलेगी, जिससे चारा उत्पादन की लागत का बोझ कम होगा.
जिला प्रशासन का कहना है कि किसान चारे की बिक्री से चार महीने में प्रति एकड़ 1.5 लाख रुपये तक कमा सकते हैं. किसान उत्पादित चारे का इस्तेमाल अपने पशुओं के लिए कर सकते हैं या जिले के दूसरे पशुपालकों को बेच सकते हैं. यह संभावित कमाई का प्रशासनिक अनुमान है, वास्तविक आय उत्पादन और बिक्री की कीमत पर निर्भर करेगी.
इस योजना की परिकल्पना लातूर के कलेक्टर भारत बस्तेवाड़ ने की है. इसे विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (VB-G RAM G) के तहत चारा उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए तैयार किया गया है. जिला प्रशासन के मुताबिक, राज्य सरकार ने इस पहल को मंजूरी दे दी है.
स्पीडफीड ज्वार की पहली कटाई बुवाई के 55 से 60 दिन बाद की जा सकती है. इसके बाद 35 से 40 दिन के अंतराल पर दो और कटाइयां संभव हैं. इस तरह एक फसल से कुल तीन बार पौष्टिक हरा चारा प्राप्त किया जा सकता है. योजना में तीनों कटाइयों के लिए मजदूरी सहायता का भी प्रावधान है.
योजना का लाभ लेने के इच्छुक पात्र किसान 1 नवंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के लिए लातूर जिला परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर पशुपालन विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए गूगल फॉर्म का इस्तेमाल करना होगा. सिंचाई की सुविधा रखने वाले किसानों से जिला प्रशासन ने रबी सीजन में इस पहल से जुड़ने की अपील की है. (पीटीआई)