CG धान खरीदी 2026-27: किसानों को घर बैठे मिलेगा टोकन, ‘तुंहर टोकन’ एप से 24 घंटे कर सकेंगे बुकिंग

CG धान खरीदी 2026-27: किसानों को घर बैठे मिलेगा टोकन, ‘तुंहर टोकन’ एप से 24 घंटे कर सकेंगे बुकिंग

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी 2026-27 के लिए ‘तुंहर टोकन’ एप से किसान घर बैठे 24×7 ऑनलाइन टोकन ले सकेंगे.जानिए जमीन के रकबे के अनुसार कितने टोकन मिलेंगे और बचा हुआ धान अगले टोकन से कैसे बेच सकेंगे.

धर्मेंद्र सिंह
  • Raipur ,
  • Oct 28, 2026,
  • Updated Oct 28, 2026, 9:08 AM IST

छत्तीसगढ़ में धान बेचने के लिए किसानों को अब टोकन लेने के लिए सोसायटियों में लंबी कतारों में लगने की जरूरत नहीं होगी. खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में भी राज्य सरकार ने ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन लेने की सुविधा जारी रखने का फैसला किया है. किसान इस एप की मदद से घर बैठे 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन धान बेचने के लिए टोकन प्राप्त कर सकेंगे.

‘तुंहर टोकन’ एप से घर बैठे होगी टोकन की बुकिंग

राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा संचालित ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल एप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है.किसान इस एप के जरिए अपनी सुविधा के अनुसार धान बेचने के लिए ऑनलाइन टोकन ले सकते हैं. इससे किसानों का समय और मेहनत बचेगी.साथ ही, टोकन लेने के लिए बार-बार सोसायटी जाने की परेशानी भी कम होगी.

सरकार का उद्देश्य धान खरीदी की प्रक्रिया को आसान और व्यवस्थित बनाना है, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी तरह की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े.

जमीन के रकबे के हिसाब से मिलेंगे टोकन

धान बेचने के लिए किसानों को उनकी खेती के रकबे के अनुसार टोकन लेने की सुविधा दी गई है. इसके तहत टोकन की संख्या इस प्रकार निर्धारित की गई है:

  • 2 एकड़ तक जमीन वाले किसान: अधिकतम 1 टोकन।
  •  2 एकड़ से अधिक और 10 एकड़ तक जमीन वाले किसान:अधिकतम 2 टोकन।
  •  10 एकड़ से अधिक जमीन वाले किसान:अधिकतम 3 टोकन।

इस व्यवस्था से किसान अपनी पात्रता के अनुसार टोकन प्राप्त कर सकेंगे और धान बेचने की योजना पहले से बना सकेंगे.

पूरा धान नहीं बेच पाए तो भी नहीं होगा नुकसान

इस साल किसानों को टोकन लेते समय धान की मात्रा दर्ज करने की सुविधा भी मिलेगी.किसान अपनी जरूरत और उपलब्ध धान के अनुसार टोकन में मात्रा दर्ज कर सकेंगे.अगर कोई किसान एक टोकन पर अपनी पूरी पात्र मात्रा का धान नहीं बेच पाता है, तो उसकी बची हुई पात्र मात्रा समाप्त नहीं होगी. किसान अपनी बची हुई मात्रा को दूसरे या तीसरे टोकन के जरिए बेच सकेंगे, बशर्ते वह निर्धारित पात्रता के दायरे में हो.

इससे किसानों को एक ही बार में पूरा धान बेचने का दबाव नहीं रहेगा. वे अपनी सुविधा और उपलब्धता के अनुसार अलग-अलग टोकन के माध्यम से धान बेच सकेंगे.

किसानों को मिलेगी राहत

‘तुंहर टोकन’ एप के जरिए ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था जारी रहने से किसानों को टोकन के लिए सोसायटियों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे. घर बैठे टोकन लेने की सुविधा से समय की बचत होगी और धान खरीदी की प्रक्रिया भी अधिक सुविधाजनक बनेगी.

कुल मिलाकर, खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में ऑनलाइन टोकन व्यवस्था किसानों के लिए राहत लेकर आई है.अब किसान अपनी सुविधा के अनुसार टोकन प्राप्त कर सकेंगे और निर्धारित पात्रता के तहत बचा हुआ धान भी अगले टोकन से बेच पाएंगे.

 

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