
मध्य प्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत गेहूं खरीदी तेज गति से जारी है. खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के मुताबिक, अब तक 1 लाख 45 हजार 71 किसानों से 63 लाख 27 हजार 410 क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है. किसानों के खातों में 920 करोड़ 7 लाख रुपए का भुगतान भी सीधे ट्रांसफर किया जा चुका है. उन्होंने आगे कहा कि राज्य में किसानों की बढ़ती भागीदारी को देखते हुए स्लॉट बुकिंग की क्षमता में इजाफा किया गया है.
अब हर खरीद केंद्र पर प्रतिदिन 1000 क्विंटल की जगह 1500 क्विंटल तक गेहूं विक्रय के लिए स्लॉट बुक किए जा सकेंगे. अभी तक 5 लाख 36 हजार 367 किसानों ने 2 करोड़ 25 लाख 96 हजार 450 क्विंटल गेहूं बेचने के लिए स्लॉट बुक किए हैं.
प्रदेश में 3171 खरीद केंद्र बनाए गए हैं, जहां किसानों के लिए जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं. केंद्रों पर छायादार बैठने की व्यवस्था, पेयजल, तौल कांटे, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट और गुणवत्ता परीक्षण उपकरण उपलब्ध हैं. साथ ही फसल की सफाई के लिए पंखा और छनना जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं. तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 करने से खरीदी प्रक्रिया को और तेज किया गया है.
खाद्य मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों से 2585 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद रही है, जिसमें 40 रुपए प्रति क्विंटल का राज्य बोनस जोड़कर कुल 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर तय की गई है. खरीदे गए गेहूं के सुरक्षित भंडारण और परिवहन की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है. अब तक 51 लाख 75 हजार 370 क्विंटल गेहूं का परिवहन (उठान) किया जा चुका है.
बयान के मुताबिक, इस साल प्रदेश में गेहूं उपार्जन के लिए 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष से 3 लाख 60 हजार अधिक है. पिछले साल करीब 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था, जबकि इस बार सरकार ने 78 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य तय किया है. राज्य सरकार ने यह भी साफ किया है कि सेटेलाइट ई-मेल मिलान में समस्या वाले खसरों को छोड़कर उसी किसान के अन्य खसरों पर गेहूं विक्रय के लिए स्लॉट बुकिंग की सुविधा जारी रहेगी, ताकि किसानों को अनावश्यक परेशानी न हो.