
मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का आंकड़ा 90 लाख मीट्रिक टन के पार पहुंच गया है. अब प्रदेश में मात्र 10 लाख मीट्रिक टन खरीद खरीदी होना बाकी है. राज्य में इस बार खरीद का टारगेट बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक रखा गया है. यानी 90 प्रतिशत खरीद हो चुकी है, जबकि 10 प्रतिशत शेष है. खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने मंगलवार को बताया कि अब तक 12 लाख 30 हजार 426 किसानों से 90 लाख 8 हजार 469 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है. प्रदेश में इस बार खरीदी प्रक्रिया को तेज करने के लिए समय सीमा बढ़ाने समेत कई प्रशासनिक फैसले भी लागू किए गए हैं.
मंत्री ने बताया कि किसानों को भुगतान प्रक्रिया भी तेजी से पूरी की जा रही है. अब तक किसानों के खातों में 18 हजार 707 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की जा चुकी है. वहीं, खरीदे गए गेहूं में से 78 लाख 52 हजार 546 मीट्रिक टन अनाज का उठान भी पूरा कर लिया गया है.
मालूम हो कि राज्य में गेहूं खरीदी दो चरणों में शुरू की गई थी. पहले चरण में 9 अप्रैल से खरीदी की शुरुआत हुई, जबकि दूसरे चरण में बाकी डिवीजनों में 15 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू की गई. सरकार के मुताबिक, इस बार सबसे ज्यादा गेहूं खरीदी भोपाल और उज्जैन डिवीजन में दर्ज की गई है, जहां बड़े पैमाने पर किसान समर्थन मूल्य पर उपज बेचने पहुंचे.
प्रदेश सरकार इस सीजन में किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद रही है. इसके साथ ही राज्य सरकार की ओर से 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जा रहा है. इस तरह किसानों को कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर मिल रही है.
मंत्री ने बताया कि खरीदी केंद्रों पर भीड़ और लंबी प्रतीक्षा की समस्या कम करने के लिए विभाग ने तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक कर दिया है. वहीं, भुगतान की रसीद जारी करने का समय भी रात 12 बजे तक बढ़ाया गया है. गेहूं खरीदी सप्ताह में सोमवार से शनिवार तक लगातार जारी है.
मंत्री राजपूत ने बताया कि खाद्य विभाग ने खरीदी व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए कई अतिरिक्त कदम उठाए हैं. हर खरीदी केंद्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है. वहीं, जरूरत के अनुसार जिलों को तौल कांटे बढ़ाने का अधिकार भी दिया गया है.
विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, खरीदी कार्य की हर घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो. मंत्री ने कहा कि प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी 23 मई 2026 तक जारी रहेगी और किसानों की सुविधा के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं.