गेहूं खरीद और राशन व्यवस्था के लिए FCI लेगा 50 हजार करोड़ रुपये का लोन

गेहूं खरीद और राशन व्यवस्था के लिए FCI लेगा 50 हजार करोड़ रुपये का लोन

भारतीय खाद्य निगम (FCI) गेहूं खरीद और राशन वितरण के लिए 50 हजार करोड़ रुपये का शॉर्ट टर्म लोन लेने जा रहा है. जरूरत पड़ने पर यह राशि 75 हजार करोड़ रुपये तक बढ़ाई जा सकती है. इस समय देशभर में MSP पर गेहूं खरीद जारी है और अब तक 22.97 मिलियन टन गेहूं खरीदा जा चुका है.

राशन व्यवस्था मजबूत करने के लिए FCI का बड़ा फैसलाराशन व्यवस्था मजबूत करने के लिए FCI का बड़ा फैसला
क‍िसान तक
  • Noida,
  • May 18, 2026,
  • Updated May 18, 2026, 5:43 PM IST

देश में किसानों से गेहूं खरीदने और लोगों तक राशन पहुंचाने का काम करने वाली सरकारी संस्था भारतीय खाद्य निगम यानी FCI अब बड़ा लोन लेने जा रही है. FCI करीब 50 हजार करोड़ रुपये का छोटा समय वाला कर्ज बैंकों से लेगा. जरूरत पड़ने पर यह रकम बढ़ाकर 75 हजार करोड़ रुपये तक भी की जा सकती है.

सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह लोन तीन महीने के लिए लिया जाएगा. इसका इस्तेमाल गेहूं खरीदने, भंडारण करने और राशन की सप्लाई बनाए रखने के लिए किया जाएगा.

क्यों लेना पड़ रहा है इतना बड़ा लोन?

FCI पूरे देश में किसानों से गेहूं और दूसरे अनाज खरीदती है. इसके बाद यही अनाज गरीब लोगों और राशन कार्ड धारकों तक पहुंचाया जाता है. सरकार की कई योजनाओं में भी यही अनाज इस्तेमाल होता है.

जब गेहूं खरीद का सीजन चलता है, तब FCI को किसानों को तुरंत पैसे देने पड़ते हैं. वहीं दूसरी तरफ राशन और बाकी कामों में भी खर्च होता रहता है. ऐसे समय में कई बार पैसों की जरूरत बढ़ जाती है. इसी वजह से FCI अब बैंकों से लोन लेने जा रही है.

22 मई को खुलेंगे टेंडर

इस लोन के लिए बैंकों से टेंडर मांगे गए हैं. अधिकारियों के अनुसार 22 मई को इन टेंडरों को खोला जाएगा. इसके बाद तय होगा कि कौन-कौन से बैंक FCI को यह लोन देंगे.

यह लोन बिना किसी गारंटी के लिया जाएगा. यानी सरकार की तरफ से इस पर अलग से सुरक्षा गारंटी नहीं दी जाएगी. हालांकि FCI सरकारी संस्था होने के कारण बैंकों को भरोसा रहता है कि पैसा वापस मिल जाएगा.

जरूरत के हिसाब से मिलेगा पैसा

FCI एक साथ पूरी रकम नहीं लेगी. जरूरत के अनुसार थोड़ा-थोड़ा करके पैसा लिया जाएगा. इसे आसान भाषा में किश्तों में पैसा लेना कहा जा सकता है.

अधिकारी ने बताया कि लोन से जुड़ी शर्तों के अनुसार बैंकों के ऑफर 31 अगस्त तक मान्य रहेंगे. इस दौरान FCI अपनी जरूरत के हिसाब से पैसा उठाएगी.

देशभर में चल रही गेहूं खरीद

इस समय देश में गेहूं खरीद का सीजन चल रहा है. FCI और राज्य सरकारों की एजेंसियां किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर गेहूं खरीद रही हैं. अब तक 2026-27 के सीजन में करीब 22.97 मिलियन टन गेहूं खरीदा जा चुका है. सबसे ज्यादा खरीद पंजाब में हुई है. पंजाब में अब तक 10.51 मिलियन टन गेहूं खरीदा गया है.

इसके बाद मध्य प्रदेश में 6.72 मिलियन टन, हरियाणा में 2.58 मिलियन टन और राजस्थान में 1.77 मिलियन टन गेहूं खरीदा गया है.

सरकार ने रखा बड़ा लक्ष्य

सरकार ने इस साल कुल 34.49 मिलियन टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए देशभर में खरीद केंद्र बनाए गए हैं ताकि किसान आसानी से अपनी फसल बेच सकें. FCI का कहना है कि किसानों को समय पर भुगतान करना और देश में राशन व्यवस्था को मजबूत रखना उसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है. इसी कारण संस्था को बड़े पैमाने पर पैसों की जरूरत पड़ती है.

राशन व्यवस्था बनाए रखने में मदद करेगा लोन

विशेषज्ञों का कहना है कि यह लोन देश में खाद्यान्न व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में मदद करेगा. इससे गेहूं खरीद और राशन वितरण का काम बिना रुकावट चलता रहेगा. सरकार चाहती है कि किसानों को उनकी फसल का पैसा समय पर मिले और गरीब लोगों तक राशन आसानी से पहुंचे. इसी वजह से FCI समय-समय पर इस तरह की वित्तीय व्यवस्था करती रहती है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि FCI कितनी जल्दी यह लोन हासिल करती है और आने वाले महीनों में गेहूं खरीद का लक्ष्य कितना पूरा हो पाता है.

ये भी पढ़ें: 

खरीफ 2026 के लिए महाबीज की बड़ी तैयारी, बाजार में उतारे गए 2 लाख क्विंटल सोयाबीन बीज
Water for Animal: दूध देने वाली गाय-भैंस के लिए गर्मियों में क्यों और कितना चाहिए पानी

MORE NEWS

Read more!