
हरियाणा में गेहूं खरीद सीजन शुरू होने से पहले ही नए नियमों को लेकर सियासत गरमा गई है. कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि गेहूं और अन्य रबी फसलों की खरीद को जटिल बनाकर किसानों को परेशान किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि नई शर्तें ऐसी हैं, जो मंडियों में फसल की एंट्री और बिक्री दोनों को मुश्किल बना सकती हैं. सुरजेवाला ने कहा कि सरकार ने फसल खरीद के लिए कई नई प्रक्रियाएं लागू की हैं, जिनमें ट्रैक्टर-ट्रॉली की अनिवार्यता, वाहन की फोटो अपलोड करने की शर्त और तय समय सीमा शामिल है. उन्होंने सवाल उठाया कि जिन किसानों के पास खुद का ट्रैक्टर नहीं है, वे इन नियमों का पालन कैसे करेंगे. साथ ही, ट्रैक्टर-ट्रॉली के व्यावसायिक उपयोग पर पहले से पाबंदी होने के कारण किराए पर व्यवस्था करना भी आसान नहीं होगा.
उन्होंने मंडी में फसल लाने के लिए सुबह 6 बजे से शाम 8 बजे तक का समय तय करने पर भी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि इससे किसानों को लंबी कतारों का सामना करना पड़ेगा और परिवहन लागत बढ़ेगी. किसान अक्सर लगातार कटाई कर जल्दी फसल मंडी पहुंचाने की कोशिश करते हैं, लेकिन समय सीमा के कारण यह प्रक्रिया धीमी हो सकती है.
कांग्रेस नेता ने राज्य सरकार द्वारा बायोमेट्रिक सत्यापन की शर्त पर भी सवाल उठाए. सुरजेवाला ने कहा कि किसान को हर बार मंडी में मौजूद रहकर अंगूठा लगाना व्यावहारिक नहीं है, क्योंकि कटाई के दौरान वह खेत में व्यस्त रहता है. इसके अलावा, मजदूरी करने वाले किसानों के अंगूठे घिसे होने से पहचान में दिक्कत आ सकती है. इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई और कहा कि तकनीकी बाधाएं खरीद प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं.
फसल उठान के लिए कई अधिकारियों के हस्ताक्षर अनिवार्य करने को भी उन्होंने जटिल बताया. उन्होंने कहा कि इससे मंडियों में देरी बढ़ेगी और नई फसल के लिए जगह बनाने में बाधा आएगी. सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि इस साल गेहूं खरीद का लक्ष्य कम कर दिया गया है, जबकि पंजीकृत किसानों और रकबे में वृद्धि हुई है. उन्होंने इसे नीति और तैयारी के बीच असंतुलन बताया और कहा कि इससे किसानों को नुकसान हो सकता है.
राज्यसभा चुनाव से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि जो घटनाएं सामने आई हैं, वे दुर्भाग्यपूर्ण हैं और पार्टी स्तर पर इसकी समीक्षा होनी चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया संबंधित नेतृत्व ही देगा.
बता दें कि इससे पहले एमएसपी कमेटी के सदस्य ठाकुर गुणीप्रकाश ने भी सरकार की ओर से बदले गए नियमों और निर्देशों पर सवाल उठाए थे और इन्हें वापस लेने की मांग की थी. वहीं, अब 1 अप्रैल से शुरू होने वाले खरीद से पहले नए नियमों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच भी टकराव बढ़ता दिख रहा है.