हरियाणा में गेहूं खरीद नियमों को लेकर घमासान, ठाकुर गुणीप्रकाश बोले- किसान विरोधी फैसला वापस ले सरकार

हरियाणा में गेहूं खरीद नियमों को लेकर घमासान, ठाकुर गुणीप्रकाश बोले- किसान विरोधी फैसला वापस ले सरकार

गुणीप्रकाश ने कहा कि नए नियमों से किसान खेत और मंडी के बीच उलझ जाएगा और खरीद प्रक्रिया जटिल होगी. उन्होंने सरकार से नियम वापस लेकर किसानों को राहत देने और व्यवस्था सरल करने की मांग की है.

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हरियाणा में गेहूं खरीद नियमों को लेकर घमासान, ठाकुर गुणीप्रकाश बोले- किसान विरोधी फैसला वापस ले सरकारठाकुर गुणीप्रकाश ने नए नियमों पर जताया विरोध

हरियाणा में गेहूं खरीद को लेकर सरकार के नए निर्देशों पर का विरोध होना शुरू हो गया है. MSP कमेटी के सदस्य ठाकुर गुणीप्रकाश ने इन नियमों को किसान विरोधी बताते हुए कड़ा ऐतराज जताया है और मुख्यमंत्री से इस आदेश को तुरंत रद्द करने की मांग की है. गुणीप्रकाश ने कहा कि सरकार ने मंडियों में गेहूं की खरीद के लिए ऐसी शर्तें लागू कर दी हैं, जिनसे किसानों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी. उन्‍होंने कहा कि अब मंडी में गेटपास तभी कटेगा, जब ट्रैक्टर-ट्रॉली पर स्पष्ट नंबर लिखा होगा और उसी नंबर के साथ फोटो e-खरीद पोर्टल पर अपलोड की जाएगी. बिना नंबर वाले ट्रैक्टर की फोटो अमान्य मानी जाएगी, जिससे किसानों का गेटपास नहीं बन पाएगा.

नए नियम किसानों को उलझांएगे: ठाकुर गुणीप्रकाश

उन्होंने आरोप लगाया कि ये नियम किसानों को गैर-जरूरी प्रक्रियाओं में उलझाने वाले हैं. एक तरफ किसान पहले ही मौसम की मार झेल रहा है, वहीं दूसरी तरफ सरकार के ऐसे निर्देश उसे और परेशान कर रहे हैं. ठाकुर गुणीप्रकाश ने कहा कि किसान अब खेत और मंडी के बीच ही उलझकर रह जाएगा और उसकी उपज की बिक्री में देरी होगी.

'नए नियम किसानों पर अतिरिक्त बोझ डालेंगे'

MSP कमेटी सदस्य ने यह भी कहा कि मंडियों में पहले से ही आढ़तियों और अधिकारियों की मनमानी की शिकायतें सामने आती रही हैं. ऐसे में नए नियम किसानों पर अतिरिक्त बोझ डालेंगे और व्यवस्था को और जटिल बना देंगे. उन्होंने इसे किसानों को नियंत्रित करने और उन्हें मजबूर करने की कोशिश बताया.

शर्तों को वापस लेने की मांग

गुणीप्रकाश ने सरकार से मांग की कि इन शर्तों को तुरंत वापस लिया जाए और खरीद प्रक्रिया को सरल बनाया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अगर सरकार किसानों को सुविधा देना चाहती है तो खुले बाजार में निजी खिलाड़ियों को खरीद की अनुमति दे, जिससे किसानों को बेहतर दाम मिल सकें.

गुणप्रकाश बोले- दोहरी मुश्किल में हैं किसान

उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में एक तरफ प्रकृति की मार है और दूसरी तरफ नीतिगत दबाव, जिससे किसान दोहरी मुश्किल में फंसा हुआ है. ऐसे समय में सरकार को राहत देने वाले फैसले लेने चाहिए, न कि नई बाधाएं खड़ी करनी चाहिए. उन्होंने अंत में जय जवान जय किसान का नारा देते हुए किसानों के हितों की रक्षा की मांग दोहराई.

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