MSP पर फसल बेचने के नियम क्या हैं, भुगतान कब मिलेगा? हरियाणा सरकार ने साफ किए पूरे प्रोसेस के नियम

MSP पर फसल बेचने के नियम क्या हैं, भुगतान कब मिलेगा? हरियाणा सरकार ने साफ किए पूरे प्रोसेस के नियम

रबी सीजन 2026-27 में MSP पर फसल बिक्री के नियम स्पष्ट किए गए हैं. किसान खुद या नामित व्यक्ति के जरिए मंडी में फसल बेच सकेंगे. खरीद प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए 24 घंटे मंडी सुविधा और डिजिटल सिस्टम लागू किया गया है.

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क‍िसान तक
  • Noida,
  • Apr 04, 2026,
  • Updated Apr 04, 2026, 6:42 PM IST

Haryana RMS Crop Procurement: हरियाणा में रबी सीजन 2026-27 के तहत गेहूं और सरसों की MSP पर खरीद शुरू हो चुकी है और इसके साथ ही सरकार ने किसानों के लिए जरूरी शर्तें और पूरी प्रक्रिया साफ कर दी है. राज्‍य के कृषि और किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने पंचकूला, बरवाला और रायपुररानी मंडियों का दौरा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीद प्रक्रिया में किसी तरह की दिक्कत नहीं होनी चाहिए. 

‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर रजिस्‍ट्रेशन जरूरी

MSP पर फसल बेचने के लिए किसानों का “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” पोर्टल पर पंजीकरण होना अनिवार्य है. यह पंजीकरण किसान खुद, जमीन का मालिक या पट्टे पर खेती करने वाला व्यक्ति भी कर सकता है. इसके अलावा किसान अधिकतम तीन नामित व्यक्तियों को भी फसल बेचने के लिए अधिकृत कर सकता है, लेकिन मंडी में बिक्री केवल किसान या उसके नामित व्यक्तियों के जरिए ही होगी.

बैलगाड़ी से भी फसल ला सकते हैं किसान

मंडी में फसल लाने के नियमों को भी आसान बनाया गया है. किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली के अलावा बैलगाड़ी जैसे पारंपरिक साधनों से भी फसल ला सकते हैं. अगर ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट नहीं है तो पेंट या कागज के माध्यम से रजिस्ट्रेशन नंबर दिखाना जरूरी होगा. गेट पास के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े, इसके लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई है और किसान 24 घंटे मंडी में फसल ला सकते हैं.

सत्‍यापन के लिए ऐसी है व्‍यवस्‍था

खरीद प्रक्रिया के दौरान पहचान सत्यापन को अनिवार्य किया गया है. इसके लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लागू किया गया है, जिसमें फिंगर स्कैनिंग के जरिए पहचान होगी. अगर इसमें दिक्कत आती है तो आईरिस स्कैन या OTP के माध्यम से सत्यापन किया जा सकेगा. यह प्रक्रिया सीधे ढेरी की खरीद के समय होगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे.

कितने घंटे में होगा उपज खरीदी का भुगतान?

सरकार ने गेहूं का MSP 2585 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों का 6200 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है. सबसे अहम बात यह है कि किसानों को फसल बेचने के बाद 72 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही पूरी खरीद प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है, ताकि समय की बचत हो और उठान से लेकर भुगतान तक हर चरण पारदर्शी रहे.

मंडी में खरीद, उठान और भुगतान की प्रक्रिया को तेज और सुचारू बनाने के लिए एजेंसियों को स्पष्ट जिम्मेदारी दी गई है. आउट गेट पास सिस्टम को डिजिटल किया गया है, जिससे ट्रांसपोर्टर और मंडी प्रशासन के बीच समन्वय बेहतर होगा और किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.

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