
हरियाणा में गेहूं खरीद को लेकर विपक्ष राज्य सरकार पर हमलावार है. वहीं, सत्तापक्ष भी साबित करने में जुटा है कि इस बार गड़बड़ी और अव्यवस्था की कोई गुंजाइश नहीं है. इस क्रम में आज सीएम नायब सिंह सैनी खुद कुरुक्षेत्र के बाबैन स्थित अनाज मंडी पहुंचे और जमीनी हकीकत परखी. उन्होंने खुद किसानों से बातचीत कर फसल बिक्री, तौल और भुगतान व्यवस्था की जानकारी ली. इस दौरान मौके पर मौजूद किसानों ने खरीद व्यवस्था को लेकर संतोष जताया और कहा कि इस बार प्रक्रिया पहले से अधिक सुचारू और सुविधाजनक दिख रही है.
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने हमीदपुर के किसान धर्मचंद को अपने सामने गेहूं बेचते देख सम्मानित किया और उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मान दिया. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने खरीद व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने के लिए सख्त कदम लागू करने की बात कही. उन्होंने कहा कि नई व्यवस्थाओं से न केवल खरीद प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि अनियमितताओं पर भी प्रभावी लगाम लगेगी.
दरअसल, राज्य सरकार ने इस बार खरीद प्रक्रिया में तीन-स्तरीय फसल सत्यापन प्रणाली लागू की है. इसके तहत मंडी में लाई गई फसल का मिलान किसान के पंजीकरण से किया जा रहा है. इस व्यवस्था से फर्जी एंट्री और अनधिकृत खरीद की संभावनाएं लगभग खत्म करने की कोशिश की गई है.
सरकार ने मंडियों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर निगरानी तंत्र को मजबूत किया है. जिलों में उपायुक्तों को पूरी व्यवस्था की कमान दी गई है, जबकि वरिष्ठ अधिकारी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं. मंत्री और विधायक भी मंडियों का दौरा कर व्यवस्थाओं का फीडबैक ले रहे हैं, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो. मुख्यमंत्री ने दोहराया कि किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा और किसी को भी परेशानी नहीं आने दी जाएगी.