बिहार में बढ़ेगा दलहन-तिलहन फसलों का रकबा, उन्नत किस्मों और क्‍वालिटी बीजों पर होगा काम

बिहार में बढ़ेगा दलहन-तिलहन फसलों का रकबा, उन्नत किस्मों और क्‍वालिटी बीजों पर होगा काम

बिहार में धान की कटाई के बाद खाली रहने वाली जमीन पर दलहन और तिलहन की खेती बढ़ाने की तैयारी है. कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने जिलावार और प्रखंडवार संभावित क्षेत्रों की पहचान कर कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए हैं.

Dalhan Tilhan Utpadan BiharDalhan Tilhan Utpadan Bihar
अंक‍ित कुमार स‍िंह
  • Patna,
  • Oct 02, 2026,
  • Updated Oct 02, 2026, 6:19 PM IST

बिहार में धान की कटाई के बाद खाली रहने वाली जमीन को अब दलहन और तिलहन की खेती से जोड़ने की तैयारी है. राज्य सरकार इन फसलों का रकबा बढ़ाने के साथ बेहतर किस्म के बीज और नई तकनीक किसानों तक पहुंचाने की योजना पर काम कर रही है. कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने  कृषि विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को इस दिशा में ठोस कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए.

बता दें कि सरकार का जोर सिर्फ खेती का क्षेत्र बढ़ाने पर नहीं, बल्कि ऐसी किस्मों और गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता पर भी है, जिससे उत्पादन और उत्पादकता दोनों में सुधार हो सके. इसके लिए जिलों और प्रखंडों के स्तर पर उन इलाकों की पहचान की जाएगी, जहां दलहन-तिलहन की खेती के विस्तार की बेहतर संभावना है.

धान कटने के बाद खाली जमीन पर होगी खेती

राज्य में कई इलाकों में धान की फसल कटने के बाद खेत कुछ समय के लिए खाली रह जाते हैं. अब इसी अवधि का इस्तेमाल दलहन और तिलहन की खेती के लिए करने पर जोर दिया जा रहा है. इससे एक ही खेत से साल में अधिक फसल लेने की संभावना बढ़ेगी और खेती की सघनता भी बढ़ेगी. 

अधिकारियों को जिलावार और प्रखंडवार संभावित क्षेत्रों की पहचान कर लक्ष्य तय करने को कहा गया है. प्रगतिशील किसानों के अनुभवों को भी दूसरे किसानों तक पहुंचाने की योजना है, ताकि सफल खेती के तरीकों को बड़े स्तर पर अपनाया जा सके.

दूसरे राज्यों की किस्मों का बिहार में होगा ट्रायल

कृषि विभाग अब दूसरे राज्यों में सफल रही अधिसूचित किस्मों को बिहार की मिट्टी और मौसम के हिसाब से परखने की तैयारी कर रहा है. जो किस्में राज्य की कृषि परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करेंगी, उन्हें किसानों के लिए उपलब्ध कराने की दिशा में आगे काम किया जाएगा. 

इसके साथ बिहार कृषि विश्वविद्यालय और डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के साथ मिलकर नई किस्मों के विकास और शोध को बढ़ाने पर भी जोर है. यानी खेत में किसी नई किस्म को पहुंचाने से पहले उसे स्थानीय परिस्थितियों में परखने की व्यवस्था मजबूत की जाएगी.

बीज की कमी दूर करने के लिए सीड हब पर जोर

दलहन और तिलहन का उत्पादन बढ़ाने में गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता अहम कड़ी है. इसी को देखते हुए राज्य में सीड हब विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. इससे किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले बीज स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है. विभाग का फोकस ऐसी व्यवस्था बनाने पर है, जिसमें सिर्फ उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य ना हो, बल्कि खेती के लिए जरूरी इनपुट सही समय पर किसानों तक पहुंचें.

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