
Poultry Conclave in Lucknow: राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में पहली बार ‘यूपी पोल्ट्री कॉन्क्लेव-2026’ का आयोजन किया गया है.15 और 16 अप्रैल तक चलने वाले इस कॉन्क्लेव का उद्घाटन केंद्रीय पशुधन, मत्स्य एवं दुग्ध राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल और प्रदेश के पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह तथा उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री दिनेश प्रताप सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया. कॉनक्लेव में बड़ी संख्या में पोल्ट्री पालक, हैचरी संचालक, उद्यमी, स्टार्टअप, वैज्ञानिक, शोधकर्ता, पशुचिकित्सक विशेषज्ञ एवं छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की.
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा कि यह कॉनक्लेव प्रदेश को पोल्ट्री हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से उद्योग विशेषज्ञों द्वारा नवीनतम तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे पोल्ट्री क्षेत्र की समस्याओं एवं चुनौतियों के समाधान में सहायता मिलेगी.
बघेल ने विश्वास व्यक्त किया कि यह कॉनक्लेव प्रदेश को अंडा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ भविष्य में निर्यात की दिशा में अग्रसर करने में मील का पत्थर सिद्ध होगा. उन्होंने कहा कि निश्चित तौर से हम अंडा उत्पादन में नंबर दो पर हैं, एक पर आना चाहेंगे. दूध उत्पादन में हम नंबर एक पर हैं. मछली पालन में हम नंबर दो पर हैं, एक पर आएंगे और मीट पर एक पर हैं.केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी बघेल का कहना है कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के लोग काफी शोध करते हैं तो कुछ दिशा निर्देश मानने पड़ते हैं. कोल्ड चेन है, रेफ्रिजरेटर हैं तो हम उसकी एज को बढ़ा भी सकते हैं.
पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निवेश के लिए सभी आवश्यक संसाधन एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है. वहीं, उद्यमियों से पोल्ट्री क्षेत्र में निवेश करने तथा आमजन से इस क्षेत्र के प्रति जागरूक होने का आह्वान किया. उन्होंने बताया कि प्रदेश में पोल्ट्री सेक्टर में अपार संभावनाएं हैं और राज्य सरकार पोल्ट्री क्षेत्र में बड़े निवेश तथा तकनीकी आदान-प्रदान को प्रोत्साहित कर रहा है. यह कॉन्क्लेव प्रदेश के पोल्ट्री क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें उद्योग विशेष नीवनतम तकनीकी चुनौतियों, संभावनाओं एवं नवाचारों को बढ़ावा मिलेगा.
धर्मपाल सिंह ने आगे कहा कि सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता एवं व्यावहारिक समाधान पर भी विस्तृत चर्चा के सकारात्मक परिणाम मिलेंगे.
कार्यक्रम के माध्यम से हितधारकों को नेटवर्किंग, निवेश के अवसर एवं आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त होगी, जिससे उप्र को पोल्ट्री हब बनाया जा सकेगा. उन्होंने कहा कि प्रोग्रेसिव किसानों को इस फील्ड में आना चाहिए. जिन्होंने एमबीए किया है, आईआईटी किया है, वह आएंगे तो इस उद्योग को और भी ज्यादा विकसित किया जा सकेगा.
सिंह ने कहा कि वर्ष 2019 की 20वीं पशुगणना के अनुसार प्रदेश में 125.16 लाख कुक्कुट हैं तथा वर्ष 2024-25 में प्रदेश में लगभग 611 करोड़ अंडों का उत्पादन हुआ है. वर्ष 2024 में अंडा उत्पादन में लगभग 29.88 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. प्रदेश को अंडा उत्पादन में आत्मनिर्भर एवं निर्यात बनाने के उद्देश्य से “उ0प्र0 कुक्कुट विकास नीति-2022” लागू की गई है. इस नीति के अंतर्गत अब तक 256 इकाइयों की स्थापना के लिए ऑनलाइन लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किए जा चुके हैं तथा अधिकतम 1 करोड़ रुपये तक ब्याज प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है.
इस अवसर पर उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि पोल्ट्री क्षेत्र के विकास के लिए उनके विभाग द्वारा आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा. कार्यक्रम में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि यह कॉनक्लेव सभी हितधारकों के लिए एक उत्कृष्ट मंच है, जिससे पोल्ट्री सेक्टर की वृद्धि को गति मिलेगी और प्रदेश को अंडा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी.
उन्होंने बताया कि इस तरह के प्लेटफॉर्म से किसानों को नई तकनीक और सरकारी योजनाओं की सही जानकारी मिलती है.
निदेशक पशुपालन डॉ. मेमपाल सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में अंडों की मांग और उत्पादन के बीच बड़ा अंतर है. जहां रोजाना 3.5 से 5.5 करोड़ अंडों की जरूरत है, वहीं उत्पादन करीब 1.5 से 2 करोड़ तक ही सीमित है. इस कमी को पूरा करने के लिए राज्य को दूसरे राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता है. पशुपालन विभाग के निदेशक के अनुसार, सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में अंडा उत्पादन बढ़ाकर प्रतिदिन 3.5 करोड़ से अधिक करना है. इसके लिए सब्सिडी, मुफ्त बिजली और नई नीतियों के जरिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि बहुत जल्द उत्तर प्रदेश भी देश में नंबर-1 अंडा उत्पादन वाला राज्य बनकर उभरेगा.
इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारियों, पोल्ट्री प्रोग्राम अधिकारियों एवं उद्यमियों को सम्मानित भी किया गया. कॉनक्लेव में विशेषज्ञों द्वारा नवीनतम तकनीकों, चुनौतियों एवं भविष्य की संभावनाओं पर व्याख्यान, सरकारी योजनाओं पर मार्गदर्शन, व्यावहारिक समाधान तथा हितधारकों के बीच संवाद एवं साझेदारी के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं.
कार्यक्रम में विशेष सचिव पशुधन देवेंद्र कुमार पांडेय, डॉ. पी.के. शुक्ला (प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष), उदय सिंह बयास (प्रेसिडेंट, आईपीईएमए), ओ.पी. सिंह (एमडी, एबीटीएल), दीपक तुषीर (सीईओ), मोहित मलिक (प्रेसिडेंट, ब्रीडर्स एसोसिएशन), रामपाल टांडा (प्रेसिडेंट, पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया), अनीश अंसारी (पूर्व मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश), डॉ. मेमपाल सिंह (निदेशक, प्रशासन एवं विकास) तथा डॉ. राजेंद्र प्रसाद (निदेशक, रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.
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